नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाने का मामला शुक्रवार देर शाम साढ़े तीन घंटे की बैठक के बाद सुलझ गया। इससे पहले दोपहर में बंगाली समाज के लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ डीएम को ज्ञापन देने के बाद सुभाष तिराहा पर धरना दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया। इसके बाद वह गांधी पार्क पर धरने पर बैठ गए। इसके अलावा बंगाली समुदाय की ओर से बनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र की मूर्ति न लगाने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी।
शुक्रवार को बंगाली समाज के लोग कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे और डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को ज्ञापन सौंपकर मूर्ति लगाने के संबंध में निर्णय न लेने पर विरोध जताया। कहा कि इससे पूर्व चार और 15 जनवरी को भी बंगाली समाज की ओर से ज्ञापन दिए गए थे। उनकी ओर से दो दिन में जवाब मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक मूर्ति को लेकर किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने मामले को जानबूझकर लटकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने कहा कि मामले में किसी पक्ष को राजनीति करने नहीं दी जाएगी। इसके बाद लोग सुभाष चौक के सामने सिटी क्लब के स्थल पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नेताजी की जयंती के दिन उस मूर्ति को नहीं लगाने पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी। पार्किंग स्थल पर धरने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने समझाबुझाकर वहां से हटा दिया। इसके बाद वह गांधी पार्क में धरने पर बैठ गए। इसको लेकर पुलिस तंत्र सतर्क हो गया। देर शाम हुई बैठक में मामले को सुलझा लिया गया।
धरने पर बैठने वालों में अतीज साहा, पार्षद विकास मल्लिक, परिमल राय, नीरज कुमार, किशोर हलदार, जगदीश दास, राजकुमार राय, आनंद, देवानंद, राजा सरकार, काशी बर्मन, अमलेंद्र ढाली, मृणाल, विमल, भूपाल राय, निशिकांत, मनोज राय, दिलीप राय, श्यामल मंडल, शुभम दास, सागर भोस, शिवम डाली आदि थे।
शाम 7:30 से 11 बजे तक चली बैठक
विवाद को लेकर ट्रांजिट कैंप में वरिष्ठ बंगाली नेता केके दास, विधायक राजकुमार ठुकराल और एसबीआई के शाखा प्रबंधक शंकर चतुर्वेदी की मौजूदगी में साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्षों में चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया। विधायक ठुकराल ने बताया सुभाष चौक में जो मूर्ति है, फिलहाल वहीं लगी रहेगी। चार माह के भीतर बंगाली समुदाय के लोग आपस में धन जुटाकर वहां कांसे की प्रतिमा लगाएंगे। विधायक निधि से जो मूर्ति राजस्थान से मंगाई गई है, उसे संजय नगर स्थित मैदान में लगाया जाएगा। इसके अलावा दूसरे पक्ष ने जो मूर्ति तैयार करवाई है, उसे रवींद्र नगर में स्थित मैदान पर लगाया जाएगा। कहा कि मामले को लेकर आम राय बन गई है। अब किसी तरह का विवाद नहीं है।