31 दिसंबर की रात बलजीत हत्याकांड में घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने घटना को नया मोड़ दे दिया है। अमर उजाला ने रविवार को प्रकाशित अंक में खुलासा किया था कि सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर सबूत हाथ लग सकते हैं।
पुलिस ने अपनी जांच में घटना के समय बलजीत के साथ उसके चार दोस्तों का होना बताया था, जबकि सीसीटीवी फुटेज में बलजीत के साथ पांच लोग हैं। फुटेज के अनुसार 12 बजकर पांच मिनट पर आरोपियों की कार दूधिया मंदिर के सामने आती है। सात मिनट पर कार को आरोपियों ने ट्रक के पीछे लगा दिया। नौ मिनट पर बलजीत भी अपनी कार से घटनास्थल पर पहुंचा है। 12 बजकर 10 मिनट पर बलजीत कार से उतरकर मोबाइल पर बात करते हुए ट्रक के पीछे जाता है और उसके पीछे उसके साथी भी पहुंचते हैं।
12वें मिनट पर गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचते हैं और 13वें मिनट पर तीन लोग बलजीत को ट्रक के पीछे से बाहर लाते हुए नजर आते हैं। 14वें मिनट पर उन्हीं तीन लोगों द्वारा बलजीत को कार में डाला जाता है। 12.15 पर दोनों कारें रुद्रपुर की ओर चली जाती हैं। इसके करीब एक घंटे बाद जब जिला अस्पताल के डाक्टरों ने बलजीत को मृत घोषित कर दिया था।
बलजीत हत्यकांड में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस के लिए यह भी बड़ा सवाल है कि बलजीत के साथ मौके पर पहुंचा पांचवां युवक आखिर कौन था और घटना के बाद वह कहां चला गया। इसके साथ ही अगर बलजीत को वहां समझौते के लिए बुलाया गया था तो बलजीत के ट्रक के पीछे जाने के बाद मात्र दो तीन मिनट में ही क्या ऐसी बात हुई कि बलजीत को सीधे गोली से उड़ा दिया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों कारें एक साथ रुद्रपुर की तरफ क्यों निकली जबकि बलजीत की हत्या करने के बाद आरोपियों को पहले भाग जाना था जबकि उन्होंने घायल बलजीत को कार में डालने तक का इंतजार किया।