काशीपुर। लगातार प्रदूषित हो रही बहल्ला नदी को बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारी की है। विभाग की टीम ने नदी के विभिन्न हिस्सों से पानी के नौ सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट आ जाएगी जिसके बाद प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण विभाग की टीम ने मंगलवार और बुधवार को संयुक्त रूप से गोपीपुरा, निझड़ा, बरखेड़ी और कनकपुर के पास से नदी के पानी के नमूने एकत्र किए। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नदी किस स्थान पर सबसे ज्यादा प्रदूषित हो रही है और प्रदूषण का मुख्य स्रोत क्या है। अधिकारियों के अनुसार नदी के उद्गम स्थल (प्रतापपुर) से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक पूरे बहाव क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
बता दें कि बहल्ला नदी प्रतापपुर क्षेत्र से निकलकर काशीपुर के मालवा फार्म, कुआंखेड़ा, हिम्मतपुर, चनकपुर, बरखेड़ी और लोहिया पुल होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करती है। इस पूरे मार्ग में कई उद्योग स्थित हैं जिन पर प्रदूषण फैलाने का संदेह है।
कोट
बहल्ला नदी के किनारे संचालित सभी उद्योगों की निगरानी की जा रही है। नदी के पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं ताकि प्रदूषण के सटीक पॉइंट का पता लगाया जा सके। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ प्रभावी और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - एसपी सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड