ढाई घंटे विलंब से शुरू हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक में दो प्रस्ताव पारित हुए। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभारी सफाई निरीक्षक के बजाय सफाई नायक मौके पर लेंगे और डोर-टूू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने को दो माह के अंदर बकाया अदा कर पुन: टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।
पालिका के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब बोर्ड की बैठक में प्रतिभाग करने वाले 18 सभासद एवं पालिकाध्यक्ष आदि विभिन्न कक्षों में टहलते रहे और सभागार और पालिकाध्यक्ष के कक्ष का ताला नहीं खोला गया। इससे खफा बोर्ड के सदस्य बाहर निकल कर ईओ विरोधी नारे लगाने लगे। बाद में पालिकाध्यक्ष एवं सभासद सीओ कार्यालय पहुंचे और सीओ एमसी बिंजौला से शिकायत की। इसके बाद बोर्ड के सदस्य लगभग एक बजे नगरपालिका पहुंचे। तब पालिकाध्यक्ष कक्ष एवं सभागार का ताला खोला गया।
ढाई घंटे विलंब से शुरू हुई बोर्ड की बैठक में सभासद पालिका की अव्यवस्था एवं अनुशासनहीनता पर जमकर बरसे। सभासद ईओ एवं पालिकाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगने लगे। बैठक में जेपी सिंह, असलम अंसारी, विश्वनाथ यादव, पावस गुप्ता, गोकुल ओली, सितारा बेगम, शबनम, नफीस, नूरी मुस्तफा, ललिता कन्याल, खीमा देवी आदि थे। संचालन ईओ धर्मानंद शर्मा ने किया।