काशीपुर। गन्ने पर महंगाई की मार पड़ने का असर कारोबार पर होने लगा है। आमतौर पर अगस्त के पहले पखवाड़े तक चलने वाले गन्ने के जूस का कारोबार इस बार पहले ही सिमटने लगा है। जूस कॉर्नर संचालक दूसरा काम खोजने लगे हैं।
शहर के मुख्य बाजार, बस अड्डा, मुरादाबाद रोड, टांडा तिराहा और स्टेडियम रोड हर साल 30 से अधिक गन्ने के जूस काॅर्नर लगते हैं। अप्रैल से जुलाई के अंत तक इन कॉर्नरों पर खूब भीड़ रहती है। लोग गर्मी से बचने के लिए गन्ने का जूस पीना पसंद करते हैं। जूस विक्रेता राजपाल, शिवम आदि ने बताया कि गर्मी में रोज 200 से 250 गिलास जूस बिकता था। शुरूआत में काशीपुर और समीप से गन्ना खरीदते हैं। यहां से 310 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना मिल जाता है। यहां फसल खत्म होने के बाद बाजपुर, जसपुर आदि क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है, लेकिन वहां गन्ना 340 से 350 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। यूपी में गन्ना सस्ता है, लेकिन वहां से लाने में ढुलान भाड़ा अधिक देना पड़ता है। 10-20 रुपये गिलास जूस बेचकर लाभ कमाना मुश्किल है। ऐसे में समय से पहले कारोबार समेटना पड़ रहा है।