उच्चशिक्षा निदेशालय ने शुरू की कवायद, कार्यदायी संस्था से मास्टर प्लान के साथ मांगे प्रस्ताव
अरुण कुमार
काशीपुर। उच्च शिक्षा निदेशालय ने डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की व्यवस्थाएं बेहतर करने की कवायद शुरू कर दी है। निदेशालय ने चयनित 20 मॉडल कॉलेजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के संबंध में कार्यदायी संस्था से मास्टर प्लान के साथ प्रस्ताव मांगे हैं। इसमें आधुनिक प्रयोगशाला के निर्माण समेत अन्य व्यवस्थाओं आदि के संबंध में पूरा ब्योरा मांगा गया है।
राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय समेत अधिकतर कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में छात्र संख्या के हिसाब से पर्याप्त उपकरण नहीं हैं। इससे छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है। छात्र-छात्राओं की यह समस्या अब दूर होने वाली है। उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. अंजू अग्रवाल ने कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है जिसमें कहा है कि प्रदेश में 20 महाविद्यालयों को मॉडल कॉलेज के रूप में चिह्नित किया गया है। इन मॉडल कॉलेजों में प्रयोगशाला समेत सभी व्यवस्थाएं बेहतर की जाएंगी। उन्होंने कार्यरत कार्यदायी संस्था से महाविद्यालय का मास्टर प्लान बनाने, प्रयोगशाला भवनों के निर्माण की आवश्यकता, भवनों की संख्या, प्रयोगात्मक विषयों के लिए उपकरण क्रय की सूची मूल्य सहित भेजने के निर्देश दिए हैं। संवाद
ये कॉलेज बनेंगे मॉडल
-राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय काशीपुर, राजकीय महाविद्यालय रुद्रपुर, रानीखेत, कोटद्वार, नरेंद्र नगर, नई टिहरी, उत्तरकाशी, थलीसैंण, गैरसैंण, लक्सर, गोपेश्वर, डाकपत्थर, अगस्त्यमुनि, रायपुर, नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, देहरादून, चमोली में मॉडल कॉलेज बनाए जाएंगे।
ये कार्यदायी संस्था हैं नामित
चंपावत, देहरादून, हरिद्वार में ब्रिडकुल, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल में सिंचाई, चमोली, रुद्रप्रयाग में पेयजल, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधमसिंह नगर में उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर में ग्रामीण निर्माण विभाग कार्यदायी संस्था नामित हैं।
ये मिलेंगी सुविधाएं
मॉडल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। आधुनिक कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।