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विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते चकबंदी पेशकार को किया गिरफ्तार

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रुद्रपुर/सितारगंज। विजिलेंस की टीम ने चकबंदी विभाग के पेशकार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि चकबंदी विभाग का पेशकार प्लॉट की दाखिल खारिज कराने के लिए पुलिस कर्मी से तीन हजार रुपये की मांग कर रहा था।
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रुद्रपुर चकबंदी विभाग में विजिलेंस की टीम ने बुधवार दोपहर 12 बजे छापा मारा। हल्द्वानी से आए विजिलेंस के एसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि पुलिस लाइन रुद्रपुर में तैनात खटीमा निवासी नईम खान ने 22 जुलाई को 1064 एप पर शिकायत दर्ज कराई थी कि चकबंदी विभाग का पेशकार आनंद चंद्र उनसे प्लॉट की दाखिल खारिज कराने के लिए तीन हजार रुपये मांग रहा है।
इसके बाद आठ अगस्त को नईम ने हल्द्वानी के विजिलेंस ऑफिस जाकर शिकायती पत्र दिया जिसमें बताया कि हाल में उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर एक प्लॉट खरीदा है। इसकी दाखिल खारिज कराने के लिए चकबंदी विभाग का पेशकार उनसे रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद एसपी विजिलेंस के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम गठित की गई।
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एएसपी विजिलेंस अनिल मनराल और इंस्पेक्टर चंचल शर्मा ने बुधवार को रुद्रपुर चकबंदी विभाग में पहुंचकर छापा मारा। जहां उन्होंने पेशकार आनंद चंद को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पेशकार के खिलाफ हल्द्वानी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस की टीम ने आरोपी पेशकार आनंद चंद को हल्द्वानी ले जाकर भी पूछताछ की। बुधवार शाम आरोपी का मेडिकल कराया गया। उसे कोतवाली में रखा गया है। बृहस्पतिवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी मीणा का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों की भी जांच की जा रही है। एसपी मीणा ने ट्रैप टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बंद कमरे में चार घंटे तक पूछताछ
रुद्रपुर/सितारगंज। छापा मारने के लिए बुधवार दोपहर पहुंची टीम ने पहले से ही तैयारी पूरी कर ली थी। शिकायतकर्ता के साथ योजनाबद्ध तरीके से पैसे देते समय गिरफ्तारी की। एसपी ने बताया कि आरोपी अधिकारी इस कार्य के लिए पहले भी पैसा ले चुका है। तीन हजार रुपये अतिरिक्त मांग रहा था। आरोपी को पकड़ने के बाद कमरे में हंगामा मच गया। सहयोगी कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें मामले से अवगत करा वापस भेज दिया गया।
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