काशीपुर। चेक बाउंस के मामले में सजा के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को प्रथम एडीजे की अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। एडीजे की अदालत ने अवर न्यायालय की सजा के फैसले पर मुहर लगा दी।
बाजपुर रोड निवासी तुषार कंस्ट्रक्शन के पार्टनर तुषार अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में परिवाद दायर किया था। इसमें कहा कि यूपी के शाहजहांपुर निवासी प्रशांत कुमार बाजपुर रोड स्थित एक फैक्टरी में सुपरवाइजर है। प्रशांत ने उसकी फर्म से समय समय-समय पर माल उधार लिया। 27 फरवरी 2020 को उसके भुगतान की एवज में आईडीबीआई बैंक शाखा का दो लाख रुपये का एक चेक दिया। यह बैंक खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। परिवाद पर सुनवाई कर द्वितीय एडीजे की अदालत ने आरोपी प्रशांत को तीन माह के कारावास और 2.40 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। प्रशांत ने अवर न्यायालय के इस फैसले पर प्रथम एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। यहां पर तुषार अग्रवाल के अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रथम एडीजे मनोज गर्ब्याल ने याचिका को निरस्त करते हुए अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि कर दी।