काशीपुर। कुंडा थाना क्षेत्र में एक वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लेने की घटना ने एक बार फिर से कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि तराई क्षेत्र में यह कानून के गिरेबान पर हाथ डालने का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसी घटना होती रही हैं। आरोपियों पर शिकंजा भी कसा गया है लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद भी आरोपी दुस्साहस की लक्ष्मण रेखा पार कर रहे हैं। बीती रात कुंडा थाना क्षेत्र में एक वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस की टीम पर जिस तरह से आसपास के लोगों ने हमला बोला उस घटना ने क्षेत्र में कानून के इकबाल को चुनौती देने जैसा काम किया है। उन्होंने न केवल पुलिस टीम का विरोध किया बल्कि आरोपी को लोग छुड़ाकर भी ले गए। ऐसा लगता है कि क्षेत्र में कानून के इकबाल को चुनौती देने का लोगों ने ट्रेंड ही बना लिया है। बीते कुछ समय पहले की बात करें तो ऐसे भी कई मामले सामने आते रहे हैं। थानाध्यक्ष कुंडा ललित फर्त्याल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हाल ही में हुई प्रशासनिक टीमों के साथ हुईं कुछ घटनाएं
नवंबर 2023 में बाजपुर क्षेत्र में तहसीलदार की ओर से सीज किए गए अवैध खनन के वाहनों को छुड़ा लेने के प्रयास में होमगार्ड का अपहरण 17 दिसंबर को बाजपुर के मोहाली जंगल में वन विभाग की टीम पर हमला कर अवैध खनन के वाहन छुड़ाए गए।
दिसंबर 2022 में वन विभाग की टीम का विरोध कर ट्रॉली छुड़ा ले गए आरोपी
दिसंबर 2018 में काशीपुर क्षेत्र में दरोगा और पुलिस कर्मियों पर हमला करके अवैध खनन के वाहन छुड़ाने का प्रयास। पुलिस कर्मियों पर इस दौरान हमला भी किया गया।