मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल खोलकर विकास की घोषणाएं की। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर यहां बतौर मुख्य अतिथि सम्मलित हुए सीएम रावत ने महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों को एक वर्ष में सीधे 75 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने नानकमत्ता में महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और खटीमा आईटीआई में एक ट्रेड बढ़ाने की घोषणा की। सीएम रावत ने विकास के अंतर्गत तीनों राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के उच्चीकरण की भी घोषणा की।
थारु विकास भवन में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर सीएम रावत ने खटीमा में विशाल महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित करने की घोषणा की। हस्त शिल्पी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने जनपद में दो दुकानें दिलाने को कहा, जिसमें थारु जनजाति की महिलाएं स्वनिर्मित हस्त शिल्पी के उत्पाद बेच सकें। उन्होंने थारु राणा परिषद को महाराणा प्रताप जयंती संपन्न कराने को प्रतिवर्ष दो लाख रुपए देने की घोषणा की और सिडकुल से बातचीत कर सिडकुल परिसर में उन्हीं के खर्चे से पुस्तकालय खोलकर उसमें महाराणा प्रताप के समकालीन महान हस्तियों की वीरता की गाथाएं पढ़ने को मिल सके। उन्होंने पुरानी संस्कृतियों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने की घोषणा की। पुलिस सब इंस्पेक्टर के लिए 1000 थारु युवतियों एवं पीआरडी एवं होमगार्ड में महिलाओं के छह के बजाय 25 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की।
किसानों की समस्या सुनने हुए सीएम रावत ने गन्ना किसानों को दो प्रतिशत बोनस और किसानों को मुआवजे के लिए 227 करोड़ का रुपए प्रावधान का बजट बताया। उन्होंने संजय रेलवे पार्क के समीप नाला निर्माण, सरपुड़ा-बग्घा को जोड़ने वाला दो किमी रोड निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थारु राणा परिषद अध्यक्ष नरेश राणा ने स्वागत भाषण, रमेश राणा ने थारु समाज की ज्वलंत समस्याएं गिनाईं। ब्लाक प्रमुख दान सिंह राणा ने 11 सूत्रीय मांगपत्र सीएम को सौंपा। परिषद संरक्षक गोपाल सिंह राणा ने सीएम का आभार व्यक्त किया। कांग्रेस प्रदेश सचिव सुरेश गंगवार ने भी सीएम रावत का आभार जताया। संचालन दिनेश राणा ने किया। इस दौरान महेश जोशी, प्रकाश तिवारी, नारायण बिष्ट, भुवन कापड़ी, शीशराम राणा, पूनम राणा, बीना राणा, ओपी राणा, राजेश राणा लक्ष्य, रविंद्र राणा, हरीश बोरा आदि थे।