केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा प्रदूषण फैलाने की शिकायत पर बाजपुर चीनी मिल की डिस्टलरी को बंद किए जाने से आक्रोशित कर्मियों ने डिस्टलरी कार्यालय पर तालाबंदी कर धरना दिया। उन्होंने मिल प्रबंध तंत्र पर डिस्टलरी में मल्टी इफेक्ट एवेपोरेट प्लांट लगाने में लापरवाही करने का आरोप लगाया है। कहा कि इससे कर्मचारियों के समक्ष भुखमरी की समस्या पैदा हो गई है।
बता दें कि केंद्रीय नियंत्रण बोर्ड ने जीरो डिस्चार्ज जेएलडी प्लांट नही होने के कारण बाजपुर डिस्टलरी को बंद करने का नोटिस दिया था। इस नोटिस के आधार पर प्रबंध तंत्र ने 23 जनवरी को डिस्टलरी प्लांट को बंद कर दिया था। इससे डिस्टलरी के कर्मचारियों के सामने रोजगारी की विकट समस्या खड़ी हो गई है।
रविवार को डिस्टलरी के श्रमिक नेता अनिल सिंह की अगुवाई में दर्जनों कर्मचारी मिल गेट पर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर 23 जनवरी को डिस्टलरी का एल्कोहेल प्लांट बंद कर दिया। सप्ताह भर बीतने के बाद भी प्लांट प्रबंध तंत्र की तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नही लाई। उन्होंने प्लांट शुरू न होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी। इस मौके पर गुलाम मुस्तफा, वीर सिंह राठी, विशेष चंद शर्मा, हेमेंद्र सिंह, अभय प्रकाश, रामबहोरे पाठक, अजय भारती, अमित सिंह, इम्तियाज अली, रामसेवक आदि थे।