काशीपुर। एक फैक्टरी के हेल्पर की बायलर के कन्वेयर पट्टे की चपेट में आकर मौत होने से गुस्साए परिजनों ने कारखाना गेट पर लगभग चार घंटे धरना देकर मुआवजा मांगा। बाद में प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच समझौता हुआ। इसके तहत मृतक के बेटे को नौकरी और मुआवजा दिया गया।
जिला बिजनौर के शेरकोट के गांव हरबला भभोटा निवासी पतराम सिंह (55) पुत्र गोपाल सिंह यहां बाजपुर रोड स्थित मंगल बाजार में किराए के मकान में परिवार के साथ रहकर एक फैक्टरी में हेल्पर का काम करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
शुक्रवार की शाम लगभग छह बजे से नाइट ड्यूटी पर आया था। यहां बायलर के कन्वेयर पट्टे के पास काम करने के दौरान उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जब साथी लोगों ने देखा तो पतराम सिंह को बामुश्किल कन्वेयर पट्टे से बाहर निकाला और सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची आईटीआई थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने शनिवार की सुबह लगभग नौ बजे भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सौरभ एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष अजय गौतम के साथ मिल गेट पर मुआवजे की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया।
आक्रोशित लोगों ने मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। दिनभर की जद्दोजहद के बाद शाम लगभग चार बजे मृतक के परिजनों और फैक्टरी प्रबंधन के बीच समझौता होने पर प्रदर्शन समाप्त हो गया।
मृतक के भाई स्वराज सिंह व शिव सिंह ने बताया कि प्रबंधन ने मुआवजा देने के साथ मृतक के 18 वर्षीय बेटे कपिल को नौकरी देने का भरोसा दिया है। वहां पर कपिल कुमार गौतम, सुभाष गौतम, लक्की गौतम, अमरजीत सिंह, दीपक हुड्डा, अनुज थे।