रुद्रपुर। वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट कूच कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मुख्य गेट पर रोक लिया। इससे गुस्साई महिलाओं ने गेट पर धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जमकर नारेबाजी की। बाद में शिष्टमंडल ने डीएम से मुलाकात की और सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने आई थीं लेकिन मुख्य द्वार बंद कर दिया गया।
इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर महिलाओं की भीड़ बढ़ती गई और लगभग डेढ़ घंटों तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। काफी देर बाद डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने संगठन की कुछ प्रतिनिधि महिलाओं को अपने कार्यालय में बुलाया। वहां उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और ज्ञापन स्वीकार किया। डीएम महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सीएम को भेजा जाएगा।
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नौ हजार नहीं 25 हजार हो वेतन
संगठन की जिलाध्यक्ष चंद्रवती के नेतृत्व में पहुंचीं महिलाओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में मानदेय में राज्य सरकार से 140 रुपये प्रतिदिन और केंद्र सरकार से 150 रुपये प्रतिदिन देने की मांग की। इसके साथ ही बिना पूर्ण अर्हता के सेवानिवृत्त होने पर 10 लाख रुपये देने के जीओ जारी करने, 300 रुपये की प्रस्तावित कटौती समाप्त करने और बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़ने की मांग की। कहा कि सुपरवाइजर पदों पर वरिष्ठता के आधार पर भर्ती हो, 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त धनराशि दी जाए, रिटायरमेंट आयु 62 साल की जाए। इसके अलावा भवन किराया बढ़ाया जाए, मोबाइल रिचार्ज भत्ता दिया जाए। अन्य विभागों के कार्य के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान हो, नंदा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो फिर आंदोलन किया जाएगा।