रुद्रपुर। सितारगंज के नकहा प्रथम आंगनबाड़ी केंद्र में तैनात कार्यकर्ता बासमती राव को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने बर्खास्त कर दिया है। उन पर नियुक्ति के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के आरोप की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है। डीपीओ की ओर से बासमती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सितारगंज कोतवाली में तहरीर गई है।
बासमती राव की नियुक्ति वर्ष 1991 में हुई थी। नियुक्ति के दौरान विभाग में जमा कराए दसवीं के अभिलेखों में जन्मतिथि तीन अक्तूबर 1972 दर्शाई थी। पिछले साल किसी व्यक्ति ने अभिलेखों के फर्जी होने की शिकायत की थी। डीपीओ उदय प्रताप ने बताया कि 12 अप्रैल 2022 को माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर वर्ष 1985 में दसवीं पास करना बताने वाली बासमती के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की दूसरी कॉपी मांगी गई थी। इसमें परिषद और विभूति नारायण इंटर कॉलेज सूरजपुर आजमगढ़ ने आख्या में बताया कि विभागीय अभिलेखों में बासमती की जन्मतिथि तीन अक्तूबर 1964 है। बासमती ने विभूति इंटर कॉलेज का पत्रांक रहित एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। इसमें बासमती ने 1985 में द्वितीय श्रेणी में हाईस्कूल परीक्षा पास की है और उसमें जन्मतिथि तीन अक्तूबर 1972 अंकित है। बासमती से स्पष्टीकरण मांगा गया लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।