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जहरीला पानी पीने बीमार एक और मवेशी की मौत

Wed, 12 Oct 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज
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सितारगंज सिडकुल में फैक्ट्री गेट पर धरना देते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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 फैक्ट्रियों से निकले जहरीले पानी के पीने से बीमार एक और मवेशी की मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने गुजरात अंबुजा फैक्ट्री के गेट पर धरना दिया और प्रभावितों को मृत मवेशियों का मुआवजा दिए जाने की मांग की। कहा कि कंपनियों के जहरीले पानी से लोग भी बीमार पड़ रहे हैं।
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पूर्वी उकरौली व लक्ष्मीझाला गांव के लोगों ने बुधवार को गुजरात अंबुजा फैक्ट्री के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गांव निवासी रामायण प्रसाद की भैंस ने तीन दिन पहले जहरीला पानी पी लिया था। इससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। पशु चिकित्साधिकारी ने बीमार भैंस का इलाज भी किया। मंगलवार की देर शाम इसकी मौत हो गई।  


जहरीला पानी पीने से अब तक छह मवेशी मर चुके हैं। पशु चिकित्साधिकारी डा. जितेंद्र कुमार ने मृत मवेशी का पोस्टमार्टम किया। ग्रामीणों ने पुलिस चौकी इंचार्ज कमल कोरंगा से मिलकर जहरीला पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और मृत मवेशियों का मुआवजा दिलाने की मांग की। चौकी इंचार्ज कोरंगा ने बताया कि किस कंपनी से जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है इसका पता लगाया जा रहा है। दोषी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय राज के निर्देश पर सहायक अभियंता विजय पाल ने सिडकुल पहुंचकर नाले का निरीक्षण किया। ईई राज ने बताया कि सिडकुल के उद्योगों से निकलने वाला पानी अपर बैगुल नहर में समाहित किया जाता है। इससे नहर दूषित हो रही है। बताया कि नाले से आ रहे गंदे पानी का सैंपल लिया है। इसकी जांच रुद्रपुर जलसंस्थान की लैब और पंतनगर विश्वविद्यालय से कराएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जहरीला पानी नहर में आने से रुकवाने और मामले में कार्रवाई के लिए कई बार पत्र लिखे। लेकिन, पीसीबी के अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्रवाई की नहीं की।

 गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड एचआर हेड केके राय ने उद्योग पर लगाए जा रहे जहरीला पानी छोड़ने के आरोप को गलत बताया है। कहा कि कंपनी में कोई भी विषैला पदार्थ प्रयुक्त नहीं होता है।
कंपनी के प्रक्रिया जनित पानी को फिल्टर के बाद सीईटीपी को दिया जाता है। इसके अंतिम निस्तारण की जिम्मेदारी सीईटीपी की है। इसके अतिरिक्त कारखाने से कोई भी पानी का निस्तारण नहीं होता है। कंपनी को अनावश्यक रूप से दुष्प्रचारित व प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई प्रमाण नहीं है। कंपनी ने पशुओं की मृत्यु के कारणों की संबंधित विभाग से जांच की मांग की है। ब्यूरो
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