काशीपुर। प्राचार्य पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की जांच पूरी होने के तीन माह बाद शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई है। शासन ने निदेशालय के माध्यम से प्राचार्य समेत कॉलेज की क्रय समिति के छह सदस्यों से एक पखवाड़े के भीतर स्पष्टीकरण भेजने के निर्देश दिए हैं।
पांच महीने पूर्व एबीवीपी सदस्यों अमन चौधरी, रिंकू बिष्ट, अमन शर्मा ने मुख्यमंत्री धामी को संबोधित शिकायती पत्र उच्च शिक्षा विभाग को सौंपा था। इसमें उन्होंने राधेहरि पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुमिता श्रीवास्तव पर महाविद्यालय में सामान की खरीदारी करने, निर्माण कार्य समेत विभिन्न मदों में वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।
इसका संज्ञान लेकर निदेशक उच्च शिक्षा हल्द्वानी ने तीन सदस्यीय समिति गठित की। दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में गठित समिति सदस्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट चंपावत की प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर प्राचार्य डॉ. एमसी पांडे, राजकीय महाविद्यालय किच्छा के प्राचार्य डॉ. राजीव रतन राधेहरि पीजी कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य पर लगाए आरोपों के संबंध में दस्तावेज खंगालकर जांच रिपोर्ट निदेशालय सौंप दी थी।
यहां से रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी थी। इस संबंध में शासन ने कॉलेज की प्राचार्य समेत क्रय समिति के छह सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों ने बताया कि सामान क्रय करने की प्रक्रिया अपनाने, टीडीएस कटने आदि नियमों का उल्लंघन होने की बात सामने आ रही है। गड़बड़ी सामने आने पर फेरबदल होने की संभावना बन रही है।
कई बिंदुओं का सौंपा था पत्र
शिकायतकर्ताओं ने समिति को जांच के लिए आठ-नौ बिंदुओं का पत्र सौंपा था। साथ कॉलेज के शौचालय, वाचनालय, क्रीड़ा, रोवर-रेंजर आदि विभाग के मद से निधि निकाल कर दूसरे कार्य करने संबंधित प्रमाण भी दिए थे।