काशीपुर जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन करते लोग।
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प्रदूषित पानी की आपूर्ति व सीवर लाइन चोक होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नगर निगम परिसर स्थित जल संस्थान के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। जल संस्थान के एई ने विभिन्न वार्डों का मुआयना कर लाइनों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया।
सोमवार को वार्ड नंबर 11, 12, 13 और 14 के दर्जनों लोगों ने पार्षद पंकज माहेश्वरी, गोरक्षक दल के प्रदेश प्रभारी प्रशांत पंडित और प्रणव मेहरोत्रा के नेतृत्व में जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर एई शिशुपाल यादव का घेराव किया। उनका कहना था कि शहर में कई वार्डों में सीवर लाइनें चौक हैं। सीवर टैंकों के ढक्कन नहीं खुल रहे, जिससे कर्मचारी सीवर की सफाई नहीं कर पाते हैं और सीवर ओवरफ्लों हो रही हैं। गंदगी नालियों और सड़कों पर बह रही है, जिससे तीव्र दुर्गंध उठ रही है और बीमारियों का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से कई स्थानों पर सीवर का पानी पेयजल लाइनों में आ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं की जा रही है। घेराव करने वालों में सुनील श्रीवास्तव, अतुल अग्रवाल, छोटे लाल गुप्ता, रोहित गुप्ता आदि थे। क्षेत्रवासियों के प्रदर्शन के बाद जल संस्थान के एई शिशुपाल यादव ने क्षतिग्रस्त लाइनों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाइनों की मरम्मत कराए जाने का आश्वासन दिया।
चार दशक पुरानी है पेयजल लाइन : एई
काशीपुर। जल संस्थान के सहायक अभियंता शिशुपाल यादव का कहना है कि काशीपुर में तमाम स्थानों पर पेयजल लाइने चार दशक से भी अधिक पुरानी है। गलियों व सड़कों का पुर्न निर्माण होने पर सभी मेनहॉल और सीवर के ढक्कन दब गए हैं। ऐसे में उनकी मरम्मत करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय स्तर पर भी क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के लिए कोई अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग अपने संसाधनों से क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कराने का प्रयास करेगा।