सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के बाद भी लोगों ने दिवाली पर जमकर आतिशबाजी की। इसमें अधिक बारूद वाले पटाखों का भी खुलकर प्रयोग हुआ। रुद्रपुर में धूलकणों में 67 और काशीपुर में 87 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं ध्वनि प्रदूषण भी पिछले वर्ष की तुलना में दस से पंद्रह प्रतिशत अधिक रहा।
इस वर्ष उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने पहली बार रुद्रपुर और काशीपुर में दो प्रदूषित और जहरीली गैसों सल्फर डाई ऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड (NO2) की मानीटरिंग की। दोनों गैसों में दिवाली के दिन वृद्धि दर्ज हुई। सल्फर डाई ऑक्साइड में तो दिवाली के दिन दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
काशीपुर में गैसों की स्थिति
तिथि-मात्रा (SO2)-मात्रा (NO2)
01 नवंबर-13.15-23.13
07 नवंबर-24.04-29.8
मात्रा : माइक्रोग्राम/घन मीटर
रुद्रपुर में गैसों की स्थिति
तिथि-मात्रा (SO2)-मात्रा (NO2)
01 नवंबर- 13.54 - 23.84
07 नवंबर- 22.5 - 28.97
कोट - आतिशबाजी से सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस में यह मात्रा कम है। दोनों गैसों का मानक 30 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर है। इससे अधिक होने पर यह अत्यधिक नुकसान दे सकती है। - डॉ. अंकुर कंसल, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी