चार सूत्री मांगों लेकर राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आमरण अनशन पर बैठे छात्र की हालत तीसरे दिन बिगड़ गई। स्वास्थ्य में गिरावट के चलते तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने अनशन उसे राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया।
सभी छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से प्रवेश देने, स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति सहित दिए जाने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों ने 14 जुलाई से क्रमिक अनशन शुरू किया था। मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। 18 जुलाई से वरुण और प्रियंका भूख हड़ताल पर बैठे, जिन्हें 20 जुलाई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उसी दिन दोपहर बाद सुमित जयसवाल भूख हड़ताल पर बैठ गया। रविवार को तीसरे दिन स्वास्थ्य बिगड़ गया। राजकीय चिकित्सालय की स्वास्थ्य टीम ने महाविद्यालय पहुंचकर भूख सुमित की जांच की। चिकित्सकों की सलाह पर तहसीलदार संजय कुमार के साथ पहुंची पुलिस टीम ने सुमित को वहां से जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इस दौरान पुलिस को छात्र-छात्राओं के विरोध का सामना करना पड़ा। जीडीएमओ डॉ. अमरजीत साहनी ने बताया कि छात्र सुमित के शरीर में कमजोरी, कंपन, शुगर लेवल घटकर 60 तक पहुंच गया था। साथ ही रक्तचाप भी गिर गया था। सुमित को उठाने के बाद छात्र अमन चौधरी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
अभाविप के जिला संयोजक सौरभ चौहान ने कहा कि महाविद्यालय में सभी छात्रों को प्रवेश, स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति सहित चारों मांगे नहीं मानी जाती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहां वरुण सेहरावत, अनन्या शर्मा, प्रियंका आर्या, सिद्धांत चौधरी, अभिनव मिश्रा, करन भारद्वाज, शैलेंद्र, पंकज आदि थे।