द्वितीय अपर जिला जज ने दुराचार और मारपीट के आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दे दिया।
आठ फरवरी 2016 को एक नवविवाहिता ने बांसफोड़ान पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका विवाह नौ अप्रैल 2015 को मुरादाबाद के थाना मुगलपुरा निवासी एक युवक से हुआ था।
दो मई 2015 को वह पति के साथ ससुराल जा रही थी। पति रेल का टिकट लेने गया था। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर पहुंचे मोहल्ला महेशपुरा निवासी जावेद उसे बहला फुसला कर अपने साथ भगा ले गया। इसके बाद आरोपी ने उसे ग्राम कचनाल गाजी में एक किराए के मकान में रखा। यहां आरोपी उसके साथ जबरन संबंध बनाता रहा। शादी की बात करने पर वह टालमटोल करने लगा।
14 सितंबर 2016 को जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे पीटा और उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की तहरीर पर आठ फरवरी 2016 को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी जावेद को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना अधिकारी बीएस बिष्ट ने 15 मार्च 2016 को न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की। इस वाद का परीक्षण द्वितीय अपर जिला जज ओमकुमार की अदालत में हुआ।
अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सभी ने अभियोजन के कथानक का समर्थन किया। एडीजे ने आरोपी जावेद को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।