बाजपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर गांव रतनपुरा गुलड़िया में स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर एसडीएम आरसी तिवारी ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। इस दारौन ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई वह भूमि उन्हें दान में मिली है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन सरकारी भूमि चिन्हित करता है। तब प्रतिमा को शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा। वहीं हाईकोर्ट ने 10 जुलाई तक उक्त स्थान से प्रतिमा को हटा कर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं।
दो दिसंबर 23 को गांव रतनपुरा गुलड़िया में अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की थी। गांव निवासी एक व्यक्ति ने भूमि को अपनी बताते हुए हाईकोर्ट में वाद दायर किया। जिस पर हाईकोर्ट ने पांच जून 24 को प्रतिमा हटाने के आदेश दिए। आठ जून 24 को राजस्व और पुलिस टीम डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटाने के लिए पहुंची। ग्रामीणों के विरोध के चलते अधिकारियों की टीम वापस लौट आई। कोर्ट के आदेश पर एसडीएम आरसी तिवारी ने पहले चरण की वार्ता ग्रामीणों से 22 जून को की थी।
शनिवार को गांव स्थित विद्यालय में बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में ग्रामीणों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को नहीं हटाने की बात कही। गांव निवासी राजकिशोर, सुनील कुमार, संजय, बीडीसी सदस्य प्रदीप सागर, मनोज, संदीप, मोहन दिवाकर ने कहा कि जिस जगह पर प्रतिमा लगी है, वह भूमि स्वर्गीय बलदेव सिंह की ओर से उन्हें दान में दी गई थी। गांव में आग लगने पर भूमि के कागजात जल चुके हैं। प्रभावशाली लोगों ने उक्त भूमि पर मिट्टी डाल कर कब्जे की कोशिश की थी। जिसका विरोध किया था। विधायक प्रतिनिधि डीके जोशी ने कहा कि सरकारी भूमि मिलने पर डॉ. आंबेडकर पार्क आदि बनाने में नेता प्रतिपक्ष की ओर से सहयोग किया जाएगा। एसडीएम आरसी तिवारी ने बताया कि तहसीलदार को गांव क्षेत्र में भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए हैं। भूमि मिलने पर प्रतिमा को वहां शिफ्ट होगी। इस संबंध में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को बुलाया है। वहां प्रधान परमजीत कौर, तहसीलदार अक्षय भट्ट, राजस्व निरीक्षक सुनीति पाल, पटवारी विक्रम सिंह, एसएसआई विनोद फर्त्याल, दयाराम, गंगाशरण, सियाराम, विजय सागर आदि मौजूद रहे।