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27 साल बाद उम्रकैदी की सजा माफ

Fri, 20 Nov 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ सितारगंज।
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 संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) में हत्या के दोष में उम्रकैद की सजा काट रहे यूपी के कैदी की उत्तर प्रदेश शासन ने सजा माफ कर दी है। शिविर जेल को इसके आदेश भी मिल गए हैं। बंदी की रिहाई उसके बेटे की गारंटी पर किए जाने का राज्यपाल ने फैसला दिया।
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जिस पर जेल ने उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सजा माफ होने से 22 साल की सजा काट चुके बंदी के परिवार में खुशियां हैं।
संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) में सजा काट रहे बादशाहपुर जिला शामली उत्तर प्रदेश निवासी इंद्रवीर सिंह (58) पुत्र चौहल सिंह का 28 अगस्त 1984 को जमीन को लेकर गांव के ही धर्मवीर से झगड़ा हो गया था। झगड़े में धर्मवीर की हत्या हो गई थी। द्वितीय अतिरिक्त जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मुजफ्फरनगर के न्यायाधीश ने 10 मई 1988 को इंद्रवीर सिंह समेत सात लोगों को हत्या और अन्य कई संगीन धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से इंद्रवीर और उसका साथी राज सिंह पुत्र मोहर सिंह समेत सातों दोषी आगरा की जेल में सजा काट रहे थे। 13 फरवरी 1996 को इंद्रवीर और राज सिंह को यहां शिविर जेल भेज दिया गया।
इनमें राज सिंह 26 फरवरी 2011 को छूट गया, लेकिन इंद्रवीर की सजा माफ नहीं हो पाई थी। हालांकि इन 27 सालों में इंद्रवीर सिंह करीब पांच साल तक जमानत पर बाहर भी रहा। अब जाकर यूपी शासन ने उसे रिहा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा इसी मामले में 1998 में आगरा जेल से बलजीत और संसार सिंह को रिहाई मिल गई थी। जेलर जयंत पांगती ने बताया कि बीती 12 नवंबर को उत्तर प्रदेश शासन ने यूपी प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोबेशन एक्ट 1938 की धारा 2 के अंतर्गत राज्यपाल श्रीराम नाइक द्वारा नियम 8 के अनुसार लाइसेंस के द्वारा बंदी को मुक्त किए जाने की अनुज्ञा प्रदान करने का आदेश जारी किया है। जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है। शामली जिलाधिकारी के आदेश का इंतजार है। आदेश आते ही इंद्रवीर को रिहा कर दिया जाएगा।
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