जिला घोषित नहीं होने से गुस्साए अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। उन्होंने व्यापारी नेताओं के साथ हाथों में काले झंडे लेकर शहर में जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। उन्होंने मुख्यमंत्री की सभा में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए जगह नहीं होने को अपमान करार देते हुए जिले की लड़ाई लड़ने की बात कही।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर बार परिसर में सभा की। बार अध्यक्ष आनंद रस्तोगी ने कहा कि जिले की घोषणा नहीं करके मुख्यमंत्री हरीश रावत ने काशीपुर की जनता के साथ धोखा किया है। काशीपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि जनता 60 सालों से जिले की मांग कर रही है। लेकिन किसी भी सरकार ने मांग पूरी नहीं की है। जिन नेताओं ने जिला नहीं बनने दिया, उनके चेहरे जनता के सामने आ चुके हैं। नेता जिले के नाम पर चुनाव जीत जाते हैं और फिर मांग को भूल जाते हैं।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रति निधि मंडल के अध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि नगर का व्यापारी जिले की मांग को लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति के साथ है। इसके बाद अधिवक्ताओं ने व्यापारियों के साथ मुख्यमंत्री के पुतले संग जुलूस निकाला। एमपी चौक में मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर आक्रोश जताया। उन्होंने विरोध स्वरूप काले झंडे हवा में लहराए और मुख्यमंत्री को जमकर कोसा। इस मौके पर भूपेंद्र गहलौत, सोहन नेगी, अब्दुल सलीम, आसिफ सिद्दीकी, धर्मेंद्र तुली, विवेक मिश्रा, अनिल शर्मा, ममता मिश्रा, ब्रहमदेश, नरेंद्र यादव, प्रदीप अग्रवाल, सीमा शर्मा दीपा राय आदि थे।