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Udham Singh Nagar News: आयु सीमा की बाध्यता से सरकारी स्कूल में गिर गया प्रवेश

Wed, 15 May 2024 03:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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सितारगंज। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक में हुए प्रवेशों में आयु की अनिवार्यता का असर नजर आ रहा है।
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जिले में इस बार कक्षा एक में बच्चों के प्रवेश में पिछले वर्ष की तुलना में भारी कमी आई है। विद्यालयों में मनाए जाने वाले प्रवेशोत्सव के दिन तक जिले के कुल 785 प्राथमिक स्कूलों में केवल 2495 छात्र-छात्राओं ने ही प्रवेश लिया। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप कक्षा एक में प्रवेश की आयु को छह वर्ष करने से यह कमी आई है। यही कारण है कि इस वर्ष आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा पाने वाले छात्र-छात्राओं के प्रवेश में भी गिरावट देखने को मिली।
नई शिक्षा नीति के मानकों के अनुसार प्री प्राइमरी और आंगनबाड़ी से पढ़कर निकलने वाले बच्चों की आयु एक अप्रैल 2024 को छह वर्ष होनी चाहिए। तभी उन्हें कक्षा एक में प्रवेश दिया जा सकेगा। वर्तमान में प्री प्राइमरी से निकलने वाले अधिकतर बच्चों की आयु 5-6 वर्ष के बीच है। ऐसे में उन्हें सरकारी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, निजी स्कूल छह साल से कम आयु के बच्चों को प्रवेश दे रहे हैं। इस स्थिति में अभिभावक अपने बच्चों का निजी स्कूल में दाखिला करा रहे हैं। इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों पर पड़ रहा है और प्रवेश में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। प्रथम चरण में जिले में आरटीई के तहत आरक्षित कुल 6544 सीटों में केवल 3891 सीटों पर ही प्रवेश हुए, जबकि 40 फीसदी सीटें खाली रह गईं।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह सिरोही ने बताया कि आंगनबाड़ी से बच्चे पांच वर्ष की आयु में निकल रहे हैं लेकिन सरकारी विद्यालयों में प्रवेश छह वर्ष में हो रहा है। ऐसे में निजी विद्यालय इसका फायदा उठाकर बच्चों को एडमिशन दे रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में एडमिशन में कमी देखने को मिली है। - ,
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डीईओ बेसिक, ऊधम सिंह नगर, हरेंद्र सिंह मिश्रा ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार, एक अप्रैल 2024 तक छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को ही कक्षा एक में प्रवेश दिया जा रहा है। इस कारण प्राइमरी कक्षाओं के प्रवेश में कमी आ रही है। वही बच्चों को मुख्य धारा में बनाए रखने के लिए इस बार प्राइवेट विद्यालयों में प्री-प्राइमरी की पढ़ाई पूरी कर चुके बच्चों को आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की गई है। यही वजह है कि प्राइवेट स्कूलों में छह वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के एडमिशन लिए जा रहे हैं।
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