नैनीताल रोड चौड़ीकरण की जद में आई मजार को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन एक हफ्ते से तैयारियों में जुटा था। बीती आठ अप्रैल को एनएचएआई के परियोजना निदेशक विकास मित्तल ने डीएम को पत्र भेजकर धार्मिक संरचना के ध्वस्तीकरण के लिए सहायता और पुलिस बल उपलब्ध कराने का पत्र भेजा था। उनका कहना था कि धार्मिक संरचना के कारण इंदिरा चौक पर लोनिवि की ओर से जंक्शन सुधारीकरण के कार्य में देरी हो रही है। इस पत्र के बाद धार्मिक संरचना को हटाने की भूमिका बनी थी। मंगलवार तड़के मजार को हटा दिया गया। रात में लोगों ने मजार देखी और सुबह उठकर देखा तो वहां नामोनिशान नहीं था।
सड़क चौड़ीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
मलबा हटाया और डामर का लेवल चढ़ाया
पुलिस प्रशासन और एनएचएआई की ओर से पूरी तैयारी के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। ध्वस्तीकरण होने के बाद मलबा हटाकर जगह को रोलर चलाकर समतल कर दिया गया। इसके बाद वहां पर डामर की परत भी हाथों हाथ डाल दी गई। इससे वहां पर मजार का कोई नामोनिशान तक नहीं दिखा।
दिन भर तैनात रही पुलिस फोर्स
मजार के ध्वस्तीकरण के बाद पुलिस प्रशासन को विरोध की आशंका थी। इसके चलते मजार के ध्वस्तीकरण के बाद भी वहां दिन भर पुलिस फोर्स तैनात रही। पुलिसकर्मियों को दो पालियों में तैनात किया गया था। सोशल मीडिया पर मजार ध्वस्तीकरण का विरोध तो दिखी लेकिन सड़क पर ऐसा कुछ नहीं झलका। इसके चलते पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुलिस सोशल मीडिया पोस्टों पर नजर रखे रही।
पूरी वैधानिक प्रक्रिया के तहत धार्मिक स्थल को हटाकर पजेशन लेने की कार्रवाई की गई है। धार्मिक संरचना का एक लाख 12 हजार रुपये के प्रतिकर का एनएचएआई की ओर से एसएलओ कार्यालय को भुगतान किया जा चुका है और भुगतान का नोटिस धार्मिक स्थल के प्रबंधक को बीते फरवरी में तामील भी कराया जा चुका है। लोनिवि की ओर से इंदिरा चौक से डीडी चौक तक सड़क आठ लेन की जाएगी। - पंकज उपाध्याय, एडीएम।