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एक माह में क्षतिग्रस्त नहर-नालों का तैयार करें प्रस्ताव : एडीएम

Sun, 07 Sep 2025 12:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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कलक्ट्रेट सभागार में कृषक बंधु की बैठक में किसानों ने रखीं समस्याएं
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रुद्रपुर। एडीएम पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में शनिवार को कृषक बंधु की बैठक हुई। एडीएम ने कहा कि सिंचाई विभाग सभी क्षतिग्रस्त नहरें, नालों जिनकी सफाई नहीं हुई या जिन पर अतिक्रमण हो गया है। वे चाहे विभाग के स्वामित्व में हो या नहीं सभी का प्रस्ताव एक माह के अंदर तैयार कर प्रस्तुत करें। कहा कि आपदा को देखते हुए सभी तहसीलों को शीघ्र ही ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिससे आपदा सर्वे के कार्यों में सरलता हो और समय की बचत हो सके।
बैठक में किसानों ने नहरों की सफाई और नानकसागर में सिल्ट (गाद) की समस्या उठाया। किसानों ने धान खरीद केंद्र शीघ्र स्थापित कर 25 सितंबर से धान के तौल का कार्य शुरू करने और खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की। एडीएम ने कहा कि एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू कर दी जाएगी और इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक धान कय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। निराश्रित पशुओं के संबंध में एडीएम ने कहा कि सरकार की ओर से गोशालाओं में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी गई है। यहां शीघ्र ही गोशालाएं उपयोग में लाई जाएंगी। बैठक में संभागीय विपणन अधिकारी लता मिश्रा, एआर कोऑपरेटिव हरीश चंद्र खंडूरी, कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी, डिप्टी आरएमओ अशोक कुमार, दिनेश चंद्र, सचिव मंडी किच्छा मोहन जोशी, सितारगंज विनोद पलड़िया आदि उपस्थित रहे।
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समितियों पर जबरन दी जा रही नैनो यूरिया
रुद्रपुर। कृषक बंधु की बैठक में किसानों ने बताया कि समितियों में यूरिया के पांच कट्टों के साथ एक नैनो यूरिया और अन्य कृषि निवेश भी जबरन दिया जा रहा है। खटीमा से आए किसानों ने मांग की कि जिले में स्टॉंप वाली भूमि पर भी यूरिया उपलब्ध कराई जाए और मक्का के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं। मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना ने बताया कि यूरिया के साथ अन्य कृषि निवेश थोप दिया जाना दंडनीय है। विभाग की ओर से जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियों को कहा गया है कि वे सभी समितियों को निर्देश जारी कर दें कि किसानों को यूरिया के साथ जबरन अन्य कृषि निवेश न दें। बताया कि स्टांप वाली भूमि पर यूरिया विभागीय कार्मिक के सत्यापन के बाद दिया जा सकता है। प्रति किसान पांच बैग यूरिया दिया जाएगा। संवाद
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