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तत्कालीन पालिकाध्यक्ष, ईओ और जेई पर कार्रवाई की संस्तुति

Sat, 28 Jul 2018 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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सितारगंज के नकुलिया चौराहे पर करीब साढ़े तीन महीने पहले बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के मकसद से अवैध रूप से चबूतरा निर्माण कराने के मामले की जांच में तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष, ईओ और अवर अभियंता दोषी पाए गए हैं। पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। डीएम ने शहरी विकास सचिव को जांच रिपोर्ट भेजकर तीनों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की है। 
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बता दें कि बीते 13 अप्रैल की रात नकुलिया चौराहे पर अवैधानिक तरीके से डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के मकसद से चबूतरे का निर्माण कराया गया था। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अंबेडकर जयंती पर बाबा साहब का फ्लैक्स भी पालिकाध्यक्ष और अन्य लोगों ने लगा दिया था।

लोक निर्माण विभाग ने बिना अनुमति चबूतरा निर्माण करने पर कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस प्रशासन ने मामला तूल पकड़ता देख फोर्स की मौजूदगी में अवैध चबूतरे को हटवा दिया था। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच एडीएम नजूल जगदीश चंद्र कांडपाल और एएसपी देवेंद्र पींचा को सौंपी गई थी।
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दो सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष, ईओ और अवर अभियंता को आपराधिक कृत्य का दोषी माना। पूरे प्रकरण में अभिलेखों की कूटरचना भी सामने आई है। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने शहरी विकास सचिव को जांच रिपोर्ट भेज पालिकाध्यक्ष, ईओ और अवर अभियंता पर वित्तीय और विभागीय अनियमितता को लेकर दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।

पुलिस की लापरवाही का भी उल्लेख, कार्रवाई के निर्देश 
रुद्रपुर। नकुलिया चौराहे पर चबूतरा निर्माण में जांच कमेटी ने पुलिस कर्मियों की लापरवाही का भी उल्लेख किया है। डीएम ने एसएसपी को जांच रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा गया कि प्रकरण की जांच में आपराधिक कृत्य होना पाया गया है और आपराधिक कृत्य के लिए उत्तरदायित्व भी निर्धारित किया गया है। दोषियों के खिलाफ विधि के अनुसार कार्रवाई की जाए। 

जांच रिपोर्ट में आपराधिक कृत्य और निर्धारित उत्तरदायित्व 
तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष कांता प्रसाद सागर :-  इन्होंने पद का गंभीर दुरुपयोग करते हुए प्रतिबंधित सार्वजनिक स्थल पर रोटरी निर्माण करवाकर फ्लैक्सी स्थापित कराई, जो आपराधिक कृत्य है। रोटरी निर्माण से स्वार्थवश जातिगत उन्माद पैदाकर कानून व्यवस्था खराब करने का प्रयास और वित्तीय अनियमितता का आपराधिक कार्य किया है। इसके लिए अभिलेखों की कूटरचना किया या करवाया जाना परिलक्षित है।

अधिशासी अधिकारी शेखर चंद्र जोशी :-  नगर पालिकाध्यक्ष की ओर से पद के गंभीर दुरुपयोग में अधिशासी अधिकारी ने आपराधिक सहयोग करते हुए प्रतिबंधित जगह पर रोटरी का निर्माण करवाकर बाबा साहेब की फ्लैक्सी लगाकर आपराधिक कृत्य किया है। पालिकाध्यक्ष के अविधिक आदेश के प्रभाव में आकर कानून व्यवस्था खराब करने का प्रयास और वित्तीय अनियमितता का आपराधिक कार्य किया है। प्रथमदृष्टया अभिलेखों की कूटरचना भी परिलक्षित है। 

नगर पालिका के अवर अभियंता राघवेंद्र सिंह :- नगर पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के अविधिक कार्यों में सहयोग करने के दोषी हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर प्रतिबंधित जगह पर अवैधानिक निर्माण करवाने के दोषी हैं।

इनके बयान दर्ज हुए 
तत्कालीन एसडीएम विनोद कुमार, सीओ हिमांशु शाह, प्रभारी निरीक्षक योगेश उपाध्याय, एसएसआई वीएस बिष्ट, एसआई जावेद मलिक, हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, पीडब्लूडी के मदन राम आर्य, सहायक अभियंता अमूल्या, ईओ शेखर चंद्र जोशी, अवर अभियंता राघवेंद्र सिंह। 

इन विभागों और अधिकारियों की भी जांच में मानी गई लापरवाही 
लोक निर्माण विभाग :- नकुलिया चौराहा लोनिवि के स्वामित्व की सड़क पर स्थित है। विभाग को संपत्ति पर किए जा रहे अतिक्रमण और विवादित निर्माण पर तत्काल विधिक कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन इसमें लापरवाही की गई। अपने दायित्वों से बचने का प्रयास करते हुए पुलिस और परगनाधिकारी पर कार्रवाई करने के दायित्व को हस्तगत करने का प्रयास किया गया। अवर अभियंता और सहायक अभियंता ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। 

पुलिस विभाग :- संवेदनशील तिथि पर मूर्ति स्थापना के संबंध में यथासमय पूर्व विधिवत जानकारी देने के बावजूद ठोस कदन न उठाना कानून व्यवस्था की दृष्टि से लापरवाही और विफलता है। 

परगनाधिकारी :- प्रतिबंधित स्थल पर संवेदनशील तिथि को मूर्ति स्थापना के संबंध में पूर्व विधिवत जानकारी होने के बावजूद ठोस कदम न उठाना कानून व्यवस्था की दृष्टि से प्रशासनिक विफलता है। संपूर्ण घटना की यथासमय उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दिया जाना भी लापरवाही है। 
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