उत्तराखंड के रुद्रपुर में करीब 36 लाख रुपये खर्च करा दो चचेरे भाइयों को न्यूजीलैंड का फर्जी वर्क परमिट वीजा थमाने के आरोप में पुलिस ने पीलीभीत के इमिग्रेशन संचालक को गिरफ्तार कर लिया। फर्जी दस्तावेजों से न्यूजीलैंड गए भाइयों को वहां की पुलिस ने जेल भेज दिया था और जेल से छूटने के लिए उन्हें करीब तीन लाख रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ी थी। इस मामले में गिरफ्तार संचालक की पत्नी, बहन और पिता भी आरोपी हैं।
ग्राम मलसी निवासी बलजिंदर सिंह ने न्यायालय में अर्जी दी थी। इस आधार पर थाना बहेड़ी बरेली के ग्राम मनकरा फरदिया निवासी दलबीर सिंह, उसकी बेटी सिमरजीत कौर, बेटा सतिंदरपाल सिंह बल और सतिंदरपाल की पत्नी अमनदीप कौर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। बताया कि यह चारों परिसर छतरी चौराहा, पीलीभीत में एबोट ओवरसीज नामक फर्म चलाते हैं।
बताया कि इसी साल अप्रैल में मलसा निवासी उसके ताऊ बलबीर सिंह के घर आए थे। इन लोगों ने उसे और उसके चचेरे भाई मंजीत को न्यूजीलैंड में नौकरी दिलाने के लिए करीब तैंतीस लाख रुपये लिए। इस कारण उसे दस लाख रुपये में जमीन गिरवी रखनी पड़ी। इसके बावजूद उसे वर्क परमिट के बजाय फर्जी कंपनी का टूरिस्ट वीजा दे दिया।
इसके सहारे विदेश पहुंचने पर बलजिंदर और मंजीत न्यूजीलैंड पहुंचे तो वहां पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। जब वे नौ अगस्त को वापस आए तो आरोपियों ने पल्ला झाड़ लिया। मंजीत ने भी आरोपियों पर केस दर्ज कराया था। कोतवाल विक्रम राठौर की टीम ने नामजद आरोपी सतविंदर को बिगवाड़ा के पास से गिरफ्तार किया। चालान होने के कारण न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।