रुद्रपुर। तालाबंदी अवैध घोषित होने के बाद कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं करने वाली कंपनी का बैंक खाता जिला प्रशासन ने सीज कर दिया है। कंपनी की कुल संपत्ति का मूल्यांकन करने के लिए डीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। तहसीलदार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने पंतनगर व किच्छा स्थित कंपनी के दो ठिकानों पर पहुंचकर मूल्यांकन कार्य भी किया।
कंस्ट्रक्शन कार्य में स्टील व लोहे के उत्पाद बनाने वाली इंटरार्क कंपनी के श्रमिक लंबे समय से कई मांगों को लेकर आंदोलित हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतनवृद्धि सहित कई मांगों को मानने के बजाय कंपनी ने अवैध रूप से कर्मचारियों की तालाबंदी कर दी। इसे श्रम सचिव ने अवैध करार देते हुए तीन माह का वेतन देने का आदेश दिया है।
सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी ने बताया कि तीन माह का कुल वेतन 1.84 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक कंपनी ने नहीं किया है। ऐसे में डीएम युगल किशोर पंत ने कंपनी से रिकवरी करने का नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि यदि धनराशि का भुगतान नहीं होगा तो कंपनी की संपत्ति का मूल्यांकन कर उसे कुर्क किया जाएगा।
इस क्रम में कंपनी का बैंक खाता पहले ही सीज कर दिया गया है। शनिवार को कमेटी सदस्यों तहसीलदार नीतू डागर, सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी, उद्योग महाप्रबंधक चंचल सिंह बोहरा, लोनिवि के अधिशासी अभियंता जितेंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल कमल कफल्टिया ने कंपनी की संपत्ति का मूल्यांकन किया। तहसीलदार ने बताया कि अभी तक कंपनी से संपत्ति के कागजात नहीं मिल सके हैं, जिसे लेकर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में कंपनी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करार दिया है।
कोट
जिला प्रशासन कमेटी के सदस्य कंपनी में पहुंचे थे। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को दिखाया तो सर्टीफाइड कॉपी मांगने लगे। वहीं, प्रशासन ने कंपनी के बैंक खाते पर भी रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में पत्र देने पर जांच कमेटी ने रिसीविंग देने से मना कर दिया गया है। अब वही पत्र डाक के माध्यम से भेजा गया है। - बीबी श्रीधर, एचआर हेड, इंटरार्क कंपनी, सिडकुल पंतनगर।
बाल अधिकारों के हनन के आरोप में चार श्रमिक नेताओं पर केस
डीएलसी कार्यालय में प्रदर्शन पर इंटरार्क के चार नेताओं पर की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। उपश्रमायुक्त डीएलसी कार्यालय परिसर में बीते बुधवार को काफी संख्या में लोगों ने धरना-प्रदर्शन, बाल पंचायत व बाल सत्याग्रह किया था। मामले में उप श्रमायुक्त की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ पंतनगर पुलिस ने आईपीसी की धारा 75, 83 व 332 के तहत केस दर्ज किया है।
उप श्रमायुक्त अरविंद सैनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 29 जून को उनके कार्यालय में काफी संख्या में लोगों ने धरना-प्रदर्शन, बाल पंचायत, बाल सत्याग्रह किया था। बाल पंचायत व बाल सत्याग्रह कराने में दलजीत सिंह अध्यक्ष इंटरार्क मजदूर संगठन पंतनगर, पान मोहम्मद इंटरार्क मजदूर संगठन किच्छा, कैलाश भट्ट इंटरार्क मजदूर संगठन पंतनगर व सुब्रत कुमार विश्वास बंगाली एकता मंच का नाम सामने आया है।
इन लोगों ने कार्यालय परिसर में बच्चों से लंबे समय तक नारे लगवाए और तेज धूप व शाम को बारिश के बावजूद बच्चों के हाथ में नारे लिखी तख्तियां देकर उनको खड़े रखा। उक्त लोगों व अन्य यूनियन के पदाधिकारियों को उन्होंने विभाग से की जानी वाली नियमानुसार कार्यवाही के बारे मे पूर्व में ही अवगत करा दिया गया और उनके स्तर से कोई भी कार्यवाही लंबित नही है। बावजूद इसके उप श्रमायुक्त कार्यालय परिसर में किए जाने वाली बाल पंचायत, बाल सत्याग्रह से कार्यालय के सभी प्रशासनिक व दैनिक कार्य प्रभावित हुए। पुलिस ने मामले में उक्त चारों श्रमिक नेताओं के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में बाल संरक्षण समिति को भी अवगत करा दिया गया है।