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सरकार के फैसले को लोगों ने बताया तुगलकी

Sun, 13 Nov 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
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रुद्रपुर के पीएनबी के बाहर लगी लोगों की लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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एक हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के बाद शनिवार को लोगों का हुजूम बैंकों पर फिर टूटा। बैंकों पर पहुंची भीड़ ने हंगामा भी किया। इससे पुलिस और सीपीयू को पहुंचकर लोगों को सब्र करने का पाठ पढ़ाना पढ़ा।
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पिछले तीन दिन से लोग बैंकों पर हजार और पांच सौ के नोट जमा कराने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन रोजाना भीड़ बढ़ती देख लोग भी हैरान हैं। सुबह आठ बजे से बैंकों पर जुटना शुरू हुए लोग शनिवार को भीड़ कम होने की उम्मीद कर रहे थे। शनिवार को भीड़ ज्यादा होने के कारण लोगों का सब्र जवाब दे गया।


एसबीआई बैंक के बाहर शनिवार को सब से ज्यादा भीड़ देखी गई। पैसे लेने के इंतजार में खड़े लोगों का केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा फूटा। लोगों ने केंद्र में मोदी सरकार पर तुगलकी फरमान सुनाने और तानाशाह बनने के गंभीर आरोप लगाए। लोगों ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अगर केंद्र सरकार को काला धन वापस ही लाना था तो उसे विदेशी खातों में जमा काले धन को भारत में लाने के लिए कोई योजना बनानी चाहिए थी।
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संतोष देवी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से गरीब वर्ग के लोगों के बीच रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। वहीं अमीर लोगों पर इस फैसले का कोई खासा फर्क नहीं पड़ा, अगर फर्क पड़ता तो लाइन में अमीर लोग भी काला धन जमा कराने गरीबों के साथ धक्के खाते होते। उसामा खान ने बताया कि छात्रों के लिये इस फैसले से सबसे ज्यादा मुश्किलें हुई हैं। कालेज में पुराने नोट जमा ही नहीं किए जा रहे और दिसंबर में एक्जाम हैं, जिससे छात्र भी बैंकों के बाहर लाइन लगाने में परेशान हैं। इधर, लालपुर क्षेत्र से आए हरप्रीत सिंह द्वारा सरकार के फैसले को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए इसे राजनीति से जुड़ा हुआ कदम बताया गया।


शनिवार दोपहर बाद बैंकों में नये नोट पहुंचे, जिससे लोगों ने उनका दीदार किया। नए नोट हाथ में लेकर लोग पिछले चार घंटे से लाइन में लगने का दर्द भी भूल गए। पीएनबी, एसबीआई और कुछ निजी बैंकों में नए नोट पहुंचने से लोग नई लक्ष्मी का दीदार कर पाए।


एक हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के ऐलान के बाद आम इंसान को तो रोज बैंक के बाहर लगी लाइन से जूझना पड़ रहा है। इसके साथ ही सरकारी नौकरी में रहकर सेवानिवृत्त हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। कर्मचारियों को भी केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है।


शनिवार को तकरीबन शहर के सभी एटीएम खुले, लेकिन लोगों की हद से ज्यादा भीड़ के चलते एटीएम में डाला गया कैश दो घंटे के भीतर ही खत्म हो गया। शहर की मंडी के पास आईसीआईसीआई के एटीएम में सुबह कैश तो डाला गया, लेकिन दोपहर से पहले लोगों की भीड़ के आगे कैश कम पड़ गया।


पिछले तीन दिन से चल रही लोगों की लंबी कतारों में रोजाना कोई न कोई लड़ाई की घटना हो रही है। इससे नौबत हाथापाई तक पहुंच जा रही है। बैंकों पर तैनात पुलिस को लोगों के बीच पहुंचकर बीच बचाव कराना पड़ रहा है, जिससे पुलिस भी परेशान है।
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