पंतनगर। चाय की चुस्की अब और भी सेहतमंद होगी। इसे बनाने के लिए अब टी-बैग नहीं बल्कि एक छोटी-सी हर्बल टैबलेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिक महाविद्यालय में एमटेक छात्र मोहम्मद अब्बास ने ऐसी इंस्टेंट हर्बल टी-टैबलेट विकसित की है जो गर्म पानी में डालते ही कुछ ही सेकंड में घुलकर स्वाद और सेहत से भरपूर चाय तैयार कर देती है।
यह टैबलेट पूरी तरह प्राकृतिक और हर्बल तत्वों से बनी है। अब्बास ने अपने परियोजना सलाहकार डाॅ. सचिन कुमार के मार्गदर्शन में यह इनोवेशन किया है। वे बताते हैं कि यह टैबलेट टी-बैग की जगह लेने वाला आधुनिक, सुरक्षित और इको-फ्रेंडली विकल्प है।
अब्बास की यह टैबलेट कचरा-मुक्त और आसानी से उपयोग में आने वाली है। इसमें मौजूद हर्बल तत्व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, तनाव घटाने, पाचन सुधारने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में सहायक साबित हो सकते हैं। इंस्टेंट हर्बल टी-टैबलेट और उसकी तकनीक आगामी किसान मेले (10-13 अक्तूबर) में महाविद्यालय के स्टाॅल पर प्रदर्शित की जाएगी। किसान, विद्यार्थी और आमजन उत्पाद की विशेषता और उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। संवाद
टी-बैग से इसलिए बेहतर
शोधों में पाया गया है कि बाजार में मिलने वाले अधिकांश टी-बैग में नायलॉन, प्लास्टिक फाइबर, ब्लीचिंग एजेंट और कृत्रिम फ्लेवर होते हैं। जब इन्हें गर्म पानी में डाला जाता है तो माइक्रोप्लास्टिक और रसायनिक अवशेष घुलकर शरीर में पहुंच जाते हैं। ये दीर्घकाल में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। टी-बैग का कचरा पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ाता है।
-कोट:
हमारा लक्ष्य सिर्फ इंस्टेंट टी नहीं बल्कि सस्टेनेबल हेल्थ सॉल्यूशन तैयार करना था। यह टैबलेट घर, यात्रा और ऑफिस हर जगह उपयोग में आसान है।
-मोहम्मद अब्बास, एमटेक छात्र, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय
मोहम्मद अब्बास जैसे छात्र विश्वविद्यालय की गौरवपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका यह नवाचार खाद्य प्रौद्योगिकी में पर्यावरण अनुकूल और प्रेरणादायक कदम है।
-डॉ. पीके ओमरे, विभागाध्यक्ष-पोस्ट हार्वेस्ट प्रोसेस एंड फूड इंजीनियरिंग पंतनगर विवि