काशीपुर। सरकारी अस्पताल में फिटनेस और मेडिकल प्रमाणपत्र पर समय से हस्ताक्षर नहीं होने के कारण आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की ढिलाई के चलते आवेदकों को इसके लिए दोहरे चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय में 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए नया ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण के लिए सरकारी अस्पताल का मेडिकल प्रमाणपत्र अनिवार्य है। इसके अलावा अन्य कार्यों के लिए भी लोग फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच रहे हैं।
आवेदक सुबह से ही अस्पताल पहुंचकर लाइनों में लग जाते हैं। अस्पताल का स्टाफ भी समय पर काम शुरू कर देता है और आवेदक डॉक्टरों की रिपोर्ट व जरूरी जांचें कराकर फॉर्म कार्यालय में जमा कर देते हैं। असली समस्या इसके बाद शुरू होती है।
फॉर्म जमा होने के बाद आवेदकों को हस्ताक्षर के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। चिकित्सक ओपीडी में मरीजों को देखने और पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के बाद सीधे लंच पर चले जाते हैं। इस वजह से फॉर्म पर हस्ताक्षर शाम करीब चार बजे ही हो पाते हैं।
शाम को प्रमाणपत्र मिलने के कारण आवेदकों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।
नाम न छापने की शर्त पर आवेदकों ने बताया कि केवल एक हस्ताक्षर के लिए उन्हें पूरा दिन अस्पताल में बिताना पड़ रहा है। इसके कारण उन्हें अपने काम या नौकरी से एक के बजाय दो दिन की छुट्टी लेनी पड़ रही है। इस अव्यवस्था से कई बार आवेदकों और अस्पताल स्टाफ के बीच तीखी बहस भी हो जाती है।
मेडिकल और फिटनेस प्रमाणपत्र दोपहर दो बजे तक जारी करा दिया जाएगा। आवेदकों को परेशानी न हो इसके लिए सीएमएस को पत्र लिखकर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर