गूलरभोज। जंगली हाथी के हमले से घायल युवक की 17 दिनों बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।
पीपल पड़ाव रेंज की पड़किया वन चौकी के समीप सोमवार 2 जून की रात को ग्राम टिब्बी निवासी बलवीर अपने धान के खेत की रखवाली कर रहा था। अचानक जंगली हाथी ने उस पर हमला बोल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसको बाजपुर सरकारी अस्पताल ले गए उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसको हायर सेंटर काशीपुर रेफर कर दिया। घटना के 17 दिन बाद इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इससे पहले 10 फरवरी को भी हाथी के हमले में निगलटिया खत्ता निवासी नंद लाल शाह की मौत हो चुकी है। इसके दो दिन बाद ही बशीर गुज्जर को हाथी ने बाइक सहित पटक दिया था। इसके अलावा जंगली हाथी की बार लोगों पर हमलावर हो चुका है। जंगली हाथी के लगातार हमले से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने जंगल की सीमा पर गहरी खाई खोदने की मांग की है। जिससे जंगली जानवर आबादी की ओर रुख न कर सकें।
ग्राम प्रधान सुनीता आर्या ने बलवीर के घायल होने के तुरंत बाद वन विभाग को मुआवजे के लिए पत्र लिखा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान का कहना है कि जंगल के किनारे आबादी से पहले गहरी खाई खोदी जाए, ताकि जंगली जानवर जंगल से बाहर की ओर ना पाए और आम जनमानस की रक्षा हो सके।