काशीपुर स्थित गोविषाण टीला के मुख्य गेट पर लगा ताला। संवाद
काशीपुर। ऐतिहासिक गोविषाण टीला क्षेत्र में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। टीले के अंदर रह रहा एक तेंदुआ आसपास की कॉलोनियों में शिकार की तलाश में घूमते देखा जा रहा है जिसको लेकर लोगों में दहशत है।
गोविषाण टीला क्षेत्र में लगभग चार-पांच साल से तेंदुओं का खौफ बना हुआ है। इस कारण पुरातत्व विभाग और वन विभाग ने जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीला क्षेत्र में जाने वाले गेट पर ताला लगा रखा है। साथ ही वन विभाग ने टीला परिसर में पिंजरा भी लगा दिया है जिसमें अब तक पांच तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। बावजूद इसके तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
टीला से सटी विनायक कॉलोनी के रहने वाले गगन विनायक ने बताया कि करीब एक महीने पहले तेंदुआ एक कुत्ते को उठा कर ले गया था। अब बीते दो दिन से एक तेंदुआ कॉलोनी के अंदर रात के समय घूमता नजर आ रहा है जिसको लोगों में दहशत है। गगन ने बताया वन विभाग ने टीला परिसर में पिंजरा लगा रखा है लेकिन अब तक तेंदुआ कैद नहीं हो सका है।
उधर टीला से सटे क्षेत्र निवासी आकांक्षा गोस्वामी, गरिमा पंडित, दीपक सैनी आदि ने बताया कि एक वक्त था जब लोग गोविषाण टीला में घूमने और टहलने जाते थे। जब से यहां तेंदुए का कुनबा रहने लगा है तब से टीला के गेट पर ताला लगा दिया गया है। हर वक्त खतरा बना रहता है खासकर रात के समय घर से बार निकलने में भी डर लगता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।