रुद्रपुर। कुमाऊं की साइबर पुलिस ने 75.73 लाख की साइबर ठगी का खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त ने अल्मोड़ा निवासी पूर्व सैनिक और उनकी स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त बहन को 16 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा था।
साइबर अपराधियों ने अप्रैल 2025 में दोनों वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाया। ठगों ने खुद को पुलिस बताकर पीड़ितों को उनके बच्चों का अपहरण होने की कह कर डराया। इसके बाद बैंक खातों की जांच की बात कही थी। इसके बाद वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट किया और पीड़ितों से विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई।
एसटीएफ व साइबर पुलिस के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान टीम को ऋषिकेश क्षेत्र में संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन मिलाी। टीम ने बुधवार देर शाम ऋषिकेश निवासी जयप्रकाश पांडेय को उसके घर से गिरफ्तार किया।
कई राज्यों में सक्रिय है गिरोह
आरोपी के पास से एक मोबाइल, एक पैन कार्ड, एक सिम कार्ड, एक आधार कार्ड, एक वोटर आइडी कार्ड और एक डीएल मिला है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। इस संबंध में अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
अनजान नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज पर न करें विश्वास
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अनजान नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकी देता है या डिजिटल अरेस्ट की बात करता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।