खटीमा। उपजिलाधिकारी चंद्र सिंह इमलाल ने पूर्व प्रधान राम रेशर की पत्नी राजवती राणा के ज्ञापन को गंभीरता से लिया है। एसडीएम इमलाल ने पूर्व प्रधान, उसके भाईयों के नाम रही भूमिधरी की 84 बीघा के नामांतरण संबंधी मामले की जांच के आदेश नायब तहसीलदार को सौंपे हैं। उपजिलधिकारी इमलाल को पूर्व ग्राम प्रधान रामरेशर राणा की पत्नी ने बताया कि भू माफियाओं ने उसके ससुर भजन सिंह राणा के नाम की भूमिधरी 84 बीघा जमीप को फर्जी तरीके से कब्जाने की साजिश रची है। इसके लिए भू माफियाओं ने पुलि, राजस्व विभाग से साठ-गांठ कर फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसके पति पूर्व ग्राम प्रधान रामरेशर राणा को जेल भिजवाया है। पीड़िता ने एसडीएम इमलाल को बताया कि पति के जेल जाने के बाद भू माफिया पुलिस का आतंक दिखाकर उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने के प्रयास में जुट गए हैं। एसडीएम इमलाल ने नायब तहसीलदार से विभिन्न बिंदुओं पर जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम इमलाल ने कहा कि 10 जुलाई 2013 के आदेश का क्रियान्वयन स्थगित होने के आधार और दूसरे पक्ष ने किस आधार पर प्रथम पक्ष को जमीन से निषिद्ध कराया, इसकी जांच होगी। एसडीएम इमलाल ने पीड़ित पक्ष को पूरे प्रकरण की सही जांच कराने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने इस प्रकरण में उन भूमाफियाओं को भी चिन्हित करने को कहा है जो दो पक्षों को लड़ाकर उसकी संपत्ति को कौड़ियों के भाव खरीदते हैं। एसडीएम ने नायब तहसीलदार भगीरथ जोशी से जल्द जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।