सितारगंज। शहर के बीचोबीच में खाली सरकारी जमीन पर भूमाफिया की फिर गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। माफियाओं ने अवैध रूप से सरकारी जमीन पर प्लाटिंग कर दी। फर्जी स्टांपों पर भूमि लेने वाले कई खरीददारों ने अपने निर्माण भी शुरू कर दिए। सोमवार एसडीएम मनीष कुमार और तहसीलदार ऋचा सिंह ने मौके पर पहुंचकर अर्धनिर्माण ध्वस्त करा दिए और जमीन की पैमाइश कर हदबंदी कर दी। एसडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन बेचने वाले भूमाफियाओं पर स्टांप चोरी की कार्रवाई की जाएगी।
18 परिवारों का नहरपार में वर्ग पांच की भूमि के खाता संख्या-641 खसरा नंबर 64/2/1, व 63 कुल 1.84 एकड़ भूमि पर कब्जा होने से गत 26 जून 2011 को एडीएम बंशीधर तिवारी और एएसपी अशोक कुमार भट्ट ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर इन परिवारों के कच्चे व पक्के मकान जेसीबी से ध्वस्त करा दिए थे और सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त कराई थी।
प्रशासन की कार्रवाई को अभी डेढ़ वर्ष ही बीता कि भूमाफियाओं नहरपार वार्ड संख्या छह में स्थित वर्ग चार के खसरा संख्या 54/1, 54/2 के खाता संख्या-638, 607 रकवा 1.264 हेक्टेयर (लगभग सवा तीन एकड़) व वर्ग पांच की भूमि खसरा संख्या 53 व 55 के खाता संख्या-641 रकवा 1.228 हेक्टेयर (3 एकड़) पर फिर प्लाटिंग शुरू कर दी। राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश कर हदबंदी भी कर दी। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक कमालुद्दीन, सराफत हुसैन, पटवारी राजकुमार आदि थे।