काशीपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बाजपुर के ग्राम इटव्वा में एक व्यक्ति का अपहरण कर उस पर जानलेवा हमला करने के आरोपी 10 लोगों पर दोष सिद्ध होने पर उन्हें 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अन्य धाराओं में भी अभियुक्तों सजा एवं जुर्माना लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में हल्द्वानी जेल भेज दिया गया।
ग्राम गोबरा निवासी जागीरों कौर पत्नी पूरन सिंह ने 20 नवंबर 2011 को बाजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के पास अवैध खनन की सूचना पर 19 नवंबर 2011 को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अधिकारियों ने छापामार कर कुछ लोगों को खनन करते पकड़ा था। वन विभाग के अधिकारियों की ओर से जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया गया। इस पर खनन माफिया ने उसके पति पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए उसे धमकी दी थी। 20 नवंबर को सुबह 10 बजे उसका पति पूरन सिंह अपने साले प्रेम सिंह को लेकर दवा लेने के लिए ग्राम इटव्वा गया था। वहा हथियार बंद लोगों ने उसके पति और भाई का अपहरण कर लिया। इन लोगों ने दर्शन सिंह के घर ले जाकर पाटल से उंगलियों को बीच से चीर दिया।
तहरीर के आधार पर ग्राम गोबरा निवासी बंता सिंह, सुखदेव सिंह, दर्शन सिंह, बलजिंदर सिंह, हरजीत सिंह, लाडी सिंह, अजमेर सिंह व मोहन सिंह और ग्राम इटव्वा निवासी देव सिंह एवं गुरजीत सिंह के खिलाफ धारा 147, 307, 365 आदि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना अधिकारी एसआई धर्मवीर सोलंकी ने सभी आरोपियों के खिलाफ वांछित धाराओं में अभियोग पत्र दाखिल किया। वाद का सत्र परीक्षण अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुआ।
अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की वादी जागीरों कौर, गवाह डॉ. दलजीत, पूरन सिंह आदि पेश हुए। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संतोष नकवी और अधिवक्ता संजीव आकाश ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीतु शर्मा ने सभी 10 आरोपियों को घटना का दोषी माना।
मंगलवार को सजा न्यायालय ने अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 504 व 506 में आरोपियों को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई है। अन्य धाराओं में भी आरोपियों को सजा एवं जुर्माने से दंडित किया गया है।