फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलमारी में सजी है नौ लाख की मशीन

Fri, 27 Oct 2017 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
विज्ञापन
काशीपुर सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में अलमारी में बंद पड़ी मशीन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों में लाखों की कीमत से मशीनें तो खरीद ली गईं, लेकिन टेक्नीशियन न होने से ये मशीनें धूल फांक रही हैं। सरकारी अस्पताल में नौ लाख रुपये की मशीन अलमारी में सजी है, जबकि मरीजों को निजी अस्पताल भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में करीब दो साल पहले इंफ्रा सिटी स्केनर मशीन लगाई गई। नौ लाख रुपये कीमत की इस मशीन से सिर में लगी चोट की जांच की जाती है। टेक्नीशियन नहीं होने के चलते यह मशीन इमरजेंसी कक्ष में डिब्बे में बंद है। अस्पताल में इंफ्रा सिटी स्नेकर मशीन होने के बावजूद मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में सिटी स्कैन कराने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। मरीज को बिना जांच कर दिया रेफर मंगलवार की देर रात ग्राम मालधन चौड़ नंबर छह निवासी विनोद और उसके साथी हीराराम को बाइक से घर जाते समय एक वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे हीराराम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि विनोद के सिर में चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे सरकारी अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में इंफ्रा सिटी स्कैनर होने के बावजूद बिना जांच किए ही उसे रेफर कर दिया गया। परिजनों ने सरकारी अस्पताल के सामने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
अस्पताल में करीब नौ लाख रुपये कीमत की इंफ्रा सिटी स्केनर मशीन रखी है, जिस समय मशीन अस्पताल में आई थी उसी समय कर्मचारियों को मशीन चलाने का डेमो दिया गया था। कोई कर्मचारी मशीन की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता है। मशीन महंगी है, इसलिए मशीन को अलमारी में रखा गया है। -डॉ. वीके टम्टा, अधीक्षक, एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल, काशीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें