काशीपुर। मनोवैज्ञानिक डॉ. नेहा शर्मा का कहना है कि महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं का कारण मास हिस्टीरिया है। अंतर्द्वंद्व के चलते व्यक्ति का मन वही क्रिया करता है, जिसका प्रभाव उसके मनोमस्तिष्क पर होता है।
हल्द्वानी स्थित मनसा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की मनोचिकित्सक नेहा शर्मा ने बताया कि चोटी काटे जाने की घटनाएं आजकल मीडिया में खूब प्रचारित हो रही हैं। भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं के मन में इन्हें लेकर अंतर्द्वंद्व चलता है। वह इस स्थिति में सुधबुध खो बैठती हैं और अनजान भय से खुद अपने ही हाथों अपनी चोटी काट रहीं हैं। ऐसे मरीज मानसिक अवसाद में रहते हैं।
उन्हें अवसाद की स्थिति से निकलने के लिए मनौवैज्ञानिक से परामर्श लेना चाहिए। डॉ. नेहा ने कहा हिस्टीरिया एक से दूसरे में संचारित होता है। स्कूलों में एक साथ कई बच्चों का बेहोश हो जाना ये सब मास हिस्टीरिया के लक्षण है। ऐसे में मस्तिष्क की इंद्रियों से व्यक्ति का नियंत्रण कम हो जाता है और गफलत में वह उल-जुलूल हरकतें करता है। व में देवी जागरण का आयोजन किया गया है।