डीबीटीएल योजना की सब्सिडी के हेरफेर की जांच शुरू हो गई। मंगलवार को जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि आठ खातों में 711 लोगों की सब्सिडी भेजी गई है। गैस सब्सिडी को किसी अन्य खाते में डालने का खेल कुंडेश्वरी रोड स्थित काशीपुर गैस एजेंसी से ही किया गया है।
आईओसी एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की। अधिकारियों ने बताया कि आठ बैंक एकाउंट हैं जिसमें 711 उपभोक्ताओं की सब्सिडी गई है। इसके अलावा 153 लोगों की सब्सिडी तो केवल एसबीआई बैंक के एक ही खाते में डाली गई है। लापरवाही किस स्तर से की गई, इसकी जांच की जा रही है।
वहीं सूत्र बताते हैं कि डीबीटीएल योजना के शुरू होते ही एजेंसी कर्मचारियों ने सब्सिडी अन्य खातों में ट्रांसफर करने का खेल शुरू कर दिया था। जिसमें आईओसी का ऑनलाइन सिस्टम भी गड़बड़ाने लगा था। इसी के चलते 28 जून को मामला पकड़ में आया था लेकिन अंदरखाने ही अफसर मामले को दबाने में लगे थे।
आईओसी के सूत्र बताते हैं कि आठ खातों में 711 लोगों की सब्सिडी गई है। जांच को पहुंची टीम में आईओसी डिप्टी मैनेजर चंदन कुमार, मुकेश चौधरी, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार, तहसीलदार संजय कुमार, सहायक पूर्ति अधिकारी एसएस भाकुनी मौजूद थे।