रुद्रपुर। आई फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के ओपीडी ब्लॉक में आई फ्लू की जांच के लिए 70 से अधिक मरीज पहुंचे। मरीजों की स्वास्थ्य जांच के साथ ही एहतियात बरतने के लिए कहा गया। नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को उनकी ओपीडी में 110 में से 70 मरीज आई फ्लू की जांच के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मरीजों को घबराने की जरूरत नही हैं। घर पर उचित देखभाल करने पर मरीज एक सप्ताह में स्वस्थ हो सकते हैं। संवाद
आई फ्लू होने पर स्वयं दवा न करें
खटीमा। खटीमा के नागरिक चिकित्सालय में सोमवार को 12 बजे तक करीब 426 से अधिक की ओपीडी थी। जिस कारण पर्ची कटाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। अस्पताल में तैनात आई सर्जन डॉ निशा बाठला ने बताया कि अस्पताल में आने वाले आंख के मरीजों में 40 से 50 प्रतिशत मरीज आई फ्लू के है, जिसमें बच्चों की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया के मौसम बदलने व बरसात से वातावरण में नमी होने के कारण आई फलू के मामले बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही यह एक- दूसरे में तेजी से फैल भी रहा है। उन्होंने
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आई फ्लू के लक्षण-
आंखों में सूजन व लाल होना।
पीले रंग की गंदगी निकलना।
पलके चिपकना।
आंखों में तेज दर्द होना।
इन बातों का रखें ध्यान-
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आई फ्लू होने पर स्वयं दवा करने के बजाय डॉक्टर को दिखाएं।
आई फ्लू होने पर काला चश्मा पहने।
भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें ।
संक्रामक व्यक्ति का तौलिया इस्तेमाल न करें।
नियमित हाथ धोते रहें।
नंगे हाथ आंख पर न मलें।
संक्रामक व्यक्ति की आंखों में न देखें।