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Udham Singh Nagar News: सरकारी स्कूलों के 68.8 प्रतिशत बच्चे नहीं पढ़ पा रहे हिंदी

Wed, 14 Oct 2026 01:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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रुद्रपुर। प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को लेकर ऊधमसिंह नगर जिले से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा तीन से पांच तक के 68.8 प्रतिशत बच्चे दूसरी कक्षा के स्तर का सरल हिंदी पाठ भी नहीं पढ़ पा रहे हैं।
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असर (वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट) की रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस आयु वर्ग के केवल 31.2 प्रतिशत बच्चे ही हिंदी पाठ पढ़ने में सक्षम पाए गए। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक पहुंचने के बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे हिंदी पढ़ने की बुनियादी दक्षता भी हासिल नहीं कर पाए हैं। बड़ी कक्षाओं में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, कक्षा छह से आठ तक के 63.2 प्रतिशत बच्चे ही दूसरी कक्षा के स्तर का हिंदी पाठ पढ़ पाए जबकि 36.8 प्रतिशत बच्चे इस स्तर तक नहीं पहुंच सके।

प्रश्न पढ़ने और समझने में होगी परेशानी
हिंदी पढ़ने में कमजोर बच्चों को दूसरे विषयों की पढ़ाई में भी दिक्कत हो सकती है। सवाल को सही तरीके से पढ़ने और उसका अर्थ समझने में परेशानी होने पर बच्चा उत्तर जानने के बावजूद उसे हल नहीं कर पाता। ऐसे में सिर्फ पाठ याद कराने के बजाय शब्दों की पहचान, वाक्य पढ़ने और अर्थ समझने का नियमित अभ्यास जरूरी है।
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कक्षा में नियमित अभ्यास-आकलन से मिलेगी मदद
बच्चा किस स्तर पर हिंदी पढ़ने में परेशानी महसूस कर रहा है, इसकी पहचान जरूरी है। अक्षर और मात्राओं की पहचान से लेकर शब्द, वाक्य और छोटे अनुच्छेद पढ़ने तक का नियमित आकलन किया जा सकता है। इससे शिक्षकों को कमजोर बच्चों की जरूरत समझने और उनके लिए अलग अभ्यास कराने में मदद मिलेगी।
इनसेट
कार्रवाई भी झेल चुके हैं शिक्षक
केस1- 22 अगस्त को रुद्रपुर, खटीमा और सितारगंज के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा चार और पांच के बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए थे। जिसके बाद सीईओ ने शिक्षकों का वेतन रोक दिया था।
केस2- एक अगस्त को प्राथमिक विद्यालय पैगा में कक्षा चार और पांच के बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए थे। 10 शिक्षकों को वेतने रोकने के साथ प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया था।

कोट-
शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई और दक्षता को बढ़ाने के सख्त निर्देश दिये गए हैं। पढ़ाई में लापरवाही पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, सीईओ
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