काशीपुर में एक व्यक्ति के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को दंपति समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
मदर कॉलोनी निवासी मो. अनस पुत्र मो. अरशद ने अपने अधिवक्ता मुजीब अहमद के माध्यम से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (सि.डि) विनोद कुमार वर्मन की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि मोहल्ला लक्ष्मीपुर पट्टी में उसके पिता के नाम एक मकान है। मोहल्ले के शहनवाज और उसकी पत्नी रानी ने कुछ दिन रहने के लिए उसके पिता से उक्त मकान ले लिया। इसके बाद उसके पिता ने दंपति से मकान खाली करने को कहा तो उन्होंने फर्जी दस्तावेज दिखाते हुए उक्त मकान अपना होना बताया।
इस मामले में उसके पिता ने शहनवाज और नबी हसन आदि के खिलाफ काशीपुर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा वापसी को दबाव डालने के लिए कई बार अदालत में झूठे प्रार्थना पत्र दिए, जो कोर्ट ने खारिज कर दिए।
प्रार्थना पत्र में कहा कि 12 नवंबर 2017 को शाम सात बजे मंझरा रोड पर शहनवाज, उसकी पत्नी रानी, भाई शाहरुख, शादाब, पिता शमशुद्दीन और नवी हसन ने हमलाकर उसे घायल कर दिया। सिर में कुल्हाड़ी लगने पर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उसका उपचार चला।
इस संबंध में पुलिस और उच्चाधिकारियों को लिखित सूचना देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए अदालत ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।