रुद्रपुर। परिवहन विभाग की कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का वाहन चालकों पर असर नहीं पड़ रहा है। न ओवरलोडिंग रुक रही है और न रफ्तार पर नकेल कस रही है। हर माह ओवरलोडिंग के सैंकड़ों और तेज रफ्तार के हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार दुर्घटना का कारण बनती है। समय-समय पर प्रशासन भी इसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश परिवहन विभाग को देता रहा है। परिवहन विभाग चालान करने के साथ ही जागरूकता अभियान चलाता है लेकिन इसका वाहन चालकों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
परिवहन विभाग की फरवरी की रिपोर्ट के अनुसार यात्री वाहन में ओवरलोडिंग के 600 तो भार वाहनों में 155 मामले पकड़े गए। फरवरी में विभाग ने तेज रफ्तार के 1132 मामले पकड़े। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से फरवरी तक परिवहन विभाग ने तेज रफ्तार के 12,114 मामलों में कार्रवाई की है।
-कोट:
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर लगातार नजर रखी जा रही है। तेज रफ्तार पर ऑटोमेटिक कैमरे से भी ऑनलाइन चालान हो रहे हैं। अभियान में और तेजी लाई जाएगी।
-नवीन सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन) रुद्रपुर