लगातार 12 घंटे तक हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों की लगभग तैयार फसल खेतों में बिछ गई है। बारिश से जिले भर में 60 फीसदी से अधिक फसल तबाह होने का अनुमान लगाया जा रहा है। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह जिले में 17.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। प्रशासन और कृषि विभाग किसानों के नुकसान का आंकलन करने में लगी हुई है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद ही नुकसान की सही तस्वीर सामने आएगी। बता दें कि इससे पहले भी हुई बारिश से किसानों को करीब तीस फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा था। मुख्य कृषि अधिकारी डा. पीके सिंह ने कहा कि अभी सर्वे के बाद ही नुकसान की स्थिति साफ होगी। एडीएम आशीष श्रीवास्तव ने मंगलवार तक सभी तहसीलदारों और उपजिलाधिकारियों से किसानों के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
पंतनगर के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि रविवार को भी जिले में बारिश की संभावना है। पांच मिमी बारिश हो सकती है। रविवार को भी बारिश की संभावना से किसानों की रही सही फसल भी चौपट होने के कगार पर है।
काशीपुर। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से बारिश में खराब हुई फसलों का मूल्यांकन कर क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल पककर तैयार है। कटाई और गहाई के लिए फसल सूखने पर ही थ्रेशर चल सकता है, लेकिन बार-बार वर्षा होने से फसल भीग गई और हवा चलने से गिर गई हैं। प्रगतिशील किसान बलजिंदर सिंह संधु और भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा ने खाद्य मंत्री प्रीतम सिंह को बारिश से गेहूं की फसल के नुकसान की जानकारी देकर शीघ्र क्षति का आंकलन कराने की मांग की।