काशीपुर। जिस योजना का मकसद बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत देना है उसकी लाभार्थी सूची की जांच में अपात्रों ने सेंधमारी कर ली। काशीपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 552 आवास आवंटित किए गए थे। इनमें से 52 लाभार्थी ऐसे हैं जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासविहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। लाभार्थियों को निर्माण की प्रगति के आधार पर चरणबद्ध तरीके से किस्तें जारी की जाती हैं। निर्माण कार्य के अलग-अलग चरण पूरे होने पर दूसरी, तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान किया जाता है। ऐसे में लाभार्थियों के चयन में पात्रता की जांच अहम मानी जाती है।
ब्लॉक स्तर पर हुई जांच में सामने आए इन मामलों ने योजना के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में लाभार्थी सूची में पहले से पक्के मकान वाले लोगों के नाम शामिल होना योजना के मूल उद्देश्य के विपरीत है। विभाग अब यह पड़ताल कर रहा है कि अपात्र लोगों के नाम सूची में कैसे शामिल हुए। साथ ही उन पात्र परिवारों की तलाश की जा रही है जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और जो योजना के वास्तविक हकदार हैं।
यह है पीएम आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में ढाई लाख रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।
जांच में सामने आए 52 नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में रिपोर्ट जिले को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए आगे की प्रक्रिया की जा रही है। -कमल किशोर पांडे, खंड विकास अधिकारी
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