सौ दिन देरी से सूचना देने पर राज्य सूचना आयुक्त ने बीडीओ पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। आयोग ने जुर्माने की राशि बीडीओ के वेतन भुगतान बिलों से समायोजित कर राजकोष में जमा करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम मिस्सरवाला निवासी आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अजहर ने 24 मई 2015 को रोजगार सेवकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के संबंध में पांच बिंदुओं पर काशीपुर की तत्कालीन बीडीओ डॉ. निर्मला जोशी से सूचना मांगी थी। लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने सौ दिन की देरी से सूचना उपलब्ध कराई थी। इसे लेकर आरटीआई कार्यकर्ता अजहर द्वारा अपील दायर की गई।
राज्य सूचना आयुक्त जेपी ममगई ने अपील की सुनवाई करते हुए डॉ. निर्मला को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अपने स्पष्टीकरण में डॉ. निर्मला ने कहा कि वह बाजपुर में बीडीओ के पद पर तैनात है। उन पर 28 फरवरी 2018 तक काशीपुर का अतिरिक्त प्रभार था। इस कारण सूचना देने में विलंब हुआ। आयोग ने पाया कि उक्त सूचना के संबंध में लोक सूचना अधिकारी का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है।
अत: उनके विरुद्ध शास्ति का समुचित मामला बनता है। सूचना आयुक्त ने बीडीओ डॉ. निर्मला पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए उक्त राशि बीडीओ के वेतन भुगतान से समायोजित कर राजकोष में जमा करने के आदेश दिए हैं।