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जेल के 50 कैदियों की फाइल पर आईजी की मोहर

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सितारगंज की संपूर्णानंद शिविर और सेंट्रल जेल में हत्या के दोष में उम्रकैद की सजा काट रहे 101 कैदियों के शासन से सजा पूर्व मुक्ति की गुहार पर आईजी जेल ने बुधवार को कैदी और बंदियों का साक्षात्कार किया। उन्होंने 101 में से करीब कैदियों की फाइल पर मोहर लगा दी और इन कैदियों की फाइलों को आगामी 25 जुलाई को शासन में होने वाली रिव्यू कमेटी की बैठक में रखने का आश्वासन दिया।
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संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) में बेहतर आचरण वाले करीब 47 बंदी वर्तमान में आजीवन सजायाफ्ता हैं। यह कैदी 14 साल से अधिक की सजा काट चुके हैं। इसके अलावा सेंट्रल जेल में 527 कैदियों में से 336 कैदी आजीवन कारावास की सजा भोग रहे हैं। इन कैदियों में से 54 कैदियों की 14 साल से अधिक की सजा पूरी हो चुकी है। यह कैदी 38 से लेकर 70 से अधिक आयु के हो गए हैं। इन कैदियों ने सरकार और राज्यपाल से सजा माफी की गुहार लगाई थी। अमर उजाला ने भी इन कैदियों की मांग को प्राथमिकता से उठाया था। बुधवार को आईजी कारागार डा. पीवीके प्रसाद सेंट्रल जेल पहुंचे और जेल का निरीक्षण किया।
उन्होंने जेल में घटित घटनाओं पर जेलर से चर्चा की। साथ ही सजा पूर्व मुक्ति के लिए आवेदन करने वाले 101 कैदियों का हाल जाना और उनका साक्षात्कार लिया। इनमें आईजी ने सेंट्रल जेल के करीब 28 और खुली जेल के लगभग 22 कैदियों को सजा माफी के योग्य माना। आईजी के निरीक्षण और सजा माफी के लिए आवेदन करने वाले कैदियों से वार्ता के बाद स्वतंत्रता दिवस पर इनकी रिहाई की उम्मीद बढ़ गई है। वहां पर कार्यवाहक जेल अधीक्षक एसडीएम मनीष बिष्ट, जेलर जयंत पांगती आदि थे।
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