रुद्रपुर। बिगवाड़ा मंडी समिति स्थित यूसीएफ के क्रय केंद्र पर शुक्रवार को मलसी गांव के किसान करीब 400 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए पहुंचे। गेहूं में मिट्टी मिली होने के कारण क्रय केंद्र प्रभारी ने तौल से इनकार कर दिया। केंद्र प्रभारी पंकज कश्यप ने गेहूं को दोबारा साफ करके लाने को कहा। जिस पर किसानों और क्रय केंद्र प्रभारी के बीच कहासुनी हो गई। क्रय केंद्र प्रभारी ने बगैर दबाव में आते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इस गेहूं का आटा खाने से गरीब जनता बीमार हो सकती है। ऐसे में वह मिट्टी वाला गेहूं नहीं खरीद सकते।
इधर, तराई विकास सहाकारी संघ के क्रय केंद्र पर फाजलपुर महरौला और रहपुरा के किसानों ने 217 क्विंटल, 50 किलो गेहूं बेचा। सहायक क्रय केंद्र प्रभारी अमित कुमार ने गेहूं खरीद के दौरान किसानों से सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने व मास्क के इस्तेमाल की अपील की। रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर 39 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। क्रय केंद्र प्रभारी हेमंत जोशी ने कहा कि मलसी गांव के किसान ने केंद्र पर अपना गेहूं बेचा। जोशी ने कहा कि इस वर्ष किसानों को सहकारी क्रय केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति क्विंटल के साथ ही 20 रुपये बोनस मिल रहा है। बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने के कारण किसान काफी संख्या में गेहूं बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में इस वर्ष गेहूं की अच्छी खरीद होने की संभावना है।